Sep २४, २०२० २०:१५ Asia/Kolkata
  • ईरान ने हुरमुज़ स्ट्रेट के पास बनायी बेहद महत्वपूर्ण छावनी, अमरीका को दी चेतावनी, शेर की दुम से खिलवाड़ न करे अमरीका ...

इस्लामी गणतंत्र ईरान के क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी ने फार्स की खाड़ी में आवाजाही के बेहद महत्वपूर्ण मार्ग, हुरमुज़ स्ट्रेट के पूरब में एक अहम छावनी बनायी है जिसे बनाने में कई साल लगे हैं।

    ईरान में पवित्र रक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है और इस अवसर पर आईआरजीसी के कमांडर जनरल सलामी ने इस महत्वपूर्ण छावनी का उद्धाटन करते हुए कहा कि यह छावनी, ईरान के लिए रक्षा और हमले की दृष्टि से सैन्य महत्व रखने वाले एक रणनैतिक क्षेत्र में बनायी गयी है।

    जनरल सलामी ने कहा कि इस छावनी के उद्घाटन से फार्स की खाड़ी में ईरानी नौसेना के लिए विभिन्न प्रकार के आप्रेशन, रक्षा कार्यवाहियां तथा निगरानी की क्षमता में असाधारण रूप से वृद्धि हो गयी है।

    उन्होंने  कहा कि शहीद सैयद मजीद राहबर छावनी, हुरमुज़ स्ट्रेट, फार्स की खाड़ी और ओमान सागर में  विदेशी जहाज़ों  की आवाजाही पर नज़र रखने के लिए बनायी गयी है।

इसी मध्य इस्लामी क्रांति  के वरिष्ठ नेता के रक्षा सलाहकार और पूर्व रक्षा मंत्री जनरल हुसैन देहक़ान ने रक्षा सप्ताह के एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए कहा कि रक्षा का काल ईरान और दुनिया के लोगों के लिए एक बड़ी परीक्षा का समय था और सद्दाम, ईरानी राष्ट्र के दुश्मनों का एजेन्ट बन गया जिनमें अमरीका सब से बड़ा दुश्मन है।

    उन्होंने कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति से अमरीका को इतिहास की सब से गहरी चोट लगी क्योंकि ईरान की इस्लामी क्रांति की इलाक़े में अमरीका की उपस्थिति और ज़ायोनी शासन के समर्थन को गैर कानूनी बताया।  

    उन्होंने कहा कि हमारे लिए रक्षा का काल अभी तक समाप्त नहीं हुआ है क्योंकि हमारे दुश्मन हमारा पीछा छोड़ने वाले नहीं हैं। जनरल हुसैन देहक़ान ने कहा कि आज अमरीका का राष्ट्रपति  वह है जो अपने वर्चस्व और अपनी कुरसी की सुरक्षा के लिए, अपने ही देश को तबाह कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि ट्रम्प बड़ी बेशर्मी  के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने भाषण में जनरल सुलैमानी की हत्या की बात करते और उस पर गर्व करते हैं यह  कैसे हो  सकता है कोई मानवाधिकारों  की बात भी करे और जनरल सुलैमानी की हत्या पर गर्व भी करे।

    इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के रक्षा सलाहकार जनरल हुसैन देहक़ान ने कहा कि अमरीका ने  हमारे पवित्र रक्षा काल से बहुत कुछ सीखा है  लेकिन शायद वह अब भ्रम में पड़ गया है और ईरान के लिए नया मैदान खोलना चाह रहा है लेकिन उसे जान लेना चाहिए कि शेर की दुम से खिलवाड़ भारी पड़ेगा और अमरीकियों के किसी भी क़दम का ईरान की ओर से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। Q.A.

 

टैग्स

कमेंट्स