Oct ०१, २०२० १४:१९ Asia/Kolkata
  • ईरान के रास्ते आर्मेनिया के लिए हथियारों की सप्लाई को तेहरान ने बताया सफ़ेद झूठ

ईरान के रास्ते आर्मेनिया को हथियारों की आपूर्ति की मीडिया रिपोर्टों को तेहरान ने निराधार और झूठा बताते हुए ख़ारिज कर दिया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि ट्रकों की आवाजाही और ईरान और पड़ोसी देशों के बीच पारंपरिक असैनिक सामान का लेन-देन सामान्य रूप से जारी है। हालांकि ईरान के रास्ते दूसरे देशों के लिए लाने व ले जाने वाली वस्तुओं की बारीकी से निगरानी की जाती है, क्योंकि तेहरान अपनी सीमाओं को हथियारों और गोला-बारूद के हस्तांतरण के लिए इस्तेमाल की इजाज़त नहीं देता है।

वास्तव में मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि रूस ने ईरान की वायु सीमा का इस्तेमाल करते हुए आर्मेनिया के लिए 3 मिग-29 लड़ाकू विमान भेजे हैं।

विवादित क्षेत्र नागोरनो-कराबाग़ को लेकर, रविवार से आज़रबाइजान और आर्मेनिया के बीच भीषण झड़पें जारी हैं, जिसमें अब तक दोनों ओर से 100 से ज़्यादा लोगों के मारे जानी ख़बरें हैं।

इस दौरान, आर्मेनिया के अधिकारियों ने इस्राईल और तुर्की पर आज़रबाइजान को ड्रोन और अन्य हथियारों के बेचने का आरोप लगाया है, जिसे आज़री सेना आर्मेनियाई सेना के ख़िलाफ़ इस्तेमाल कर रही है।

इस्राईल और आज़रबाइजान के बीच रक्षा और अन्य कई महत्वपूर्ण समझौते हैं। सूत्रों का कहना है कि आज़री सेना अपनी ज़रूरत के 60 प्रतिशत हथियार, इस्राईल से आयात करती है, जबकि आज़रबाइजान, इस्राईल को तेल की आपूर्ति करता है।

दोनों पड़ोसी देशों की सेनाएं पिछले 4 दिन से एक दूसरे के सैन्य व सिविल ठिकानों पर भीषण बमबारी और गोलाबारी कर रही हैं, जो पिछले 25 वर्षों में अभूतपूर्व है।

नागोरनो-कराबाग़ के अनसुलझे मुद्दे को लेकर दोनों ही पक्ष चार दशकों से संघर्ष की स्थिति में है। नागोरनो-कराबाग़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज़रबाइजान के एक भाग के रूप में देखा जाता है, लेकिन 1990 के दशक से इस पर आर्मेनियाई लोगों का क़ब्ज़ा है, जिन्हें आर्मेनिया की सरकार का समर्थन हासिल है। msm

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