Oct १९, २०२० १५:५४ Asia/Kolkata
  • ईरान ख़रीदने से ज़्यादा हथियार बेचेगा, अमरीका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा

18 अक्तूबर 2020 को ईरान के ऊपर से हथियारों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं और तेहरान का कहना है कि वह उन देशों को अधिक हथियार बेचेगा, जो अमरीकी ज़ुल्म का शिकार हो रहे हैं।

ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी ने कहा है कि तेहरान, उन देशों का समर्थन करेगा, जो अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के हथियारों के प्रतिबंधों की समाप्ति पर उन्होंने कहा कि जो देश अमरीकी ज़ुल्म का शिकार हो रहे हैं, अगर वे हमसे हथियार चाहते हैं तो हम उन्हें हथियारों की आपूर्ति करेंगे।

18 अक्तूबर को एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए उन्होंने कहाः कई देशों ने हमसे संपर्क किया है, कुछ देशों से हमारी बातचीत भी चल रही है और हथियारों के लेन-देन के लिए पूरी तरह से भूमि प्रशस्त है।

ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी का कहना था कि निश्चित रूप से हम अपनी ज़रूरत के हथियार ख़रीदने से ज़्यादा, दूसरे देशों को हथियार बेचेंगे।

उन्होंने कहा कि हर राष्ट्र को अपनी संप्रभुता व अखंडता की रक्षा का अधिकार है, और इस मामले में ईरान एक अच्छा और भरोसेमंद सहयोगी हो सकता है, क्योंकि वह शांति बनाए रखने में विश्वास रखता है।

उन्होंने कहा कि ईरान का पहला उद्देश्य, रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनना है, और उसके बाद उन देशों का समर्थन करना है, जो अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं।

ईरानी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि अमरीकी प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान ने उल्लेखनीय विकास किया है और वह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। आज की तारीख़ में ज़रूरत के 90 फ़ीसद हथियार और सैन्य उपकरणों का निर्माण देश में ही किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारे दुश्मन तक यह बात स्वीकार करते हैं कि आज ईरान विश्व की एक मिसाइल शक्ति है, हवाई क्षेत्र विशेष रूप से ड्रोन और मिसाइल रक्षा प्रणालियों के उत्पादन में यह विश्व की एक महत्वपूर्ण शक्ति है।

उन्होंने कहा कि हमारी ख़ुर्दाद-3 मिसाइल रक्षा प्रणाली ने अमरीका के आधुनिक व क़ीमती ड्रोन को मार गिराया था, जो हमारी वायु सीमा में घुस गया था। msm

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