Oct २४, २०२० १५:३३ Asia/Kolkata
  • फ्रांस में पैगंबरे इस्लाम का अपमान जारी, ईरान की कड़ी आपत्ति, फ्रांस नस्लभेद सुधारने के जाए इस्लाम को ही सुधार रहा, वाशिंग्टन पोस्ट

फ्रांस में मुसलमानों के लिए बेहद सम्मानीय पैग़म्बरे इस्लाम के अपमान का सिलसिला रुक नहीं रहा है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने फ्रांस में पैगंबरे इस्लाम के अपमान और इस देश के कुछ अधिकारियों की ओर से उसके समर्थन की कड़ी शब्दों में आलोचना की।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबज़ादे शनिवार को अपने एक बयान में कहा है कि ईश्वरीय दूतों विशेषकर पैग़म्बरे इस्लाम का हर प्रकार का अपमान एक आलोचनीय कृत्य है और बड़े अफसोस की बात है कि इस प्रकार के कृत्य का कुछ सरकारी अधिकारी भी समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इस्लामी जगत के कुछ भटके हुए और हिंसा पर आधारित अस्वीकरीय व आलोचनीय विचारों की वजह से कि जिससे संस्थापक संयोग से अमरीका और पश्चिम के निकट घटक भी हैं, दुनिया भर के एक अरब 80 करोड़ मुसलमानों के निकट बेहद सम्मानीय हस्ती का अपमान नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से फ्रांसीसी अधिकारियों का रुख हिंसा और चरमपंथ का उचित जवाब नहीं है और इस प्रकार के व्यवहार से घृणा और बढ़ेगी जैसा कि कुछ युरोपीय देशों में भी पवित्र ग्रंथ कुरआने मजीद की अवमानना की जा रही है जिसकी हम कड़ी आलोचना करते हैं।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने इस प्रकार की कार्यवाहियों की आलोचना में  इसलामी देशों के सामूहिक रुख का समर्थन किया।

इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी ने एक बयान जारी करके फ्रांस के कुछ संचार माध्यमों और कुछ अधिकारियों द्वारा पैग़म्बरे इस्लाम के अपमान की आलोचना की है।

ओआईसी ने अपने बयान में फ्रांस के कुछ अधिकारियों के बयानों पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा है कि इस तरह के बयानों से फ्रासं के इस्लामी देशों के साथ संबंधों को नुक़सान पहुंचेगा और इससे घृणा और हिंसा में वृद्धि होगी।

इसके साथ ही इस्लामी देशों में सोशल मीडिया पर फ्रांस्र के राष्ट्रपति के खिलाफ लोग ट्वीट कर रहे हैं और फ्रांसीसी सामान के बायकाट की मांग कर रहे हैं।

उधर वाशिंग्टन पोस्ट ने संशोधित इस्लाम के फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान की आलोचना करते लिखा है कि फ्रांस, चरमपंथ व नस्लभेद में सुधार के बजाए उस इस्लाम में सुधार करना चाहता है जिसमें दुनिया के डेढ़ अरब से अधिक लोगों की आस्था है।

याद रहे फ्रांस की सरकार, फ्रांस में संशोधित इस्लाम लाने की बात कर रही जिसके तहत वह मस्जिद में नमाज़ पढ़ाने वाले मुसलमान धर्मगुरुओं को ट्रेनिंग देगी और इसी  प्रकार इस्लामी संगठनों और मुसलमानों के लिए नये कानून बनाएगी। Q.A.

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