Oct २९, २०२० ०८:५१ Asia/Kolkata
  • फ़्रान्स के राष्ट्रपति का मूर्खतापूर्ण काम, उन्हें राष्ट्रपति चुनने वाले राष्ट्र के विवेक का अपमान हैः आयतुल्लाह ख़ामेनेई

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने फ़्रान्स के राष्ट्रपति द्वारा पैग़म्बरे इस्लाम के ख़िलाफ़ अपमानजनक बयान दिए जाने के बाद इस देश के जवानों के नाम एक संदेश जारी किया है।

फ़्रान्स के युवाओं के नाम बुधवार को सोशल मीडिया पर फ़्रेंच भाषा में जारी होने वाले इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई के संदेश में कहा गया हैः अपने राष्ट्रपति से पूछिए कि वे क्यों ईश्वरीय पैग़म्बर के अनादर का समर्थन कर रहे हैं और इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं? क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का यह मतलब हैः अपशब्द व अनादर! वह भी प्रकाशमान व पवित्र हस्तियों का? क्या यह मूर्खतापूर्ण कार्य उस राष्ट्र के विवेक का अपमान नहीं है जिसने, उन्हें राष्ट्रपति चुना है?

 

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने फ़्रान्सीसी युवाओं के नाम अपने संदेश में आगे कहा हैः अगला सवाल यह है कि क्यों होलोकाॅस्ट के बारे में शक करना अपराध है? और अगर कोई इसके बारे में कुछ लिखे तो उसे जेल भेज दिया जाता है लेकिन पैग़म्बर के अनादर पर कोई रोक-टोक नहीं है? ज्ञात रहे कि फ़्रान्स की पत्रिका चार्ली हेब्दू ने हाल ही में एक बार फिर पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के अत्यंत अपमानजनक कार्टून प्रकाशित किए थे। इस पर आपत्ति किए जाने के बाद फ़्रान्स के राष्ट्रपति अमानोएल मैक्रां ने कूटनैतिक व प्रजातांत्रिक संस्कारों से परे बयान देते हुए कहा है कि फ़्रान्स पैग़म्बरे इस्लाम के ख़िलाफ़ कार्टून प्रकाशित किए जाने का समर्थन जारी रखेगा क्योंकि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करता है। (HN)

 

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