Oct २९, २०२० ०९:४७ Asia/Kolkata
  • वाशिंग्टन द्वारा प्रतिबंधित ईरानी विमान भारी हथियारों के साथ दिनदहाड़े लैटिन अमरीकी देश वेनेज़ोएला में उतरा...ट्रम्प की विदाई से पहले क्या अमरीकी प्रतिबंध आख़िरी सासें ले रहा है?

ईरान और वेनेज़ोएला के मामलों में अमरीका के विशेष दूत एलियट अब्राम्ज़ ने कुछ ही दिन पहले धमकी दी थी कि लंबी दूरी की मार करने वाला कोई भी ईरानी मिसाइल अगर वेनेज़ोएला लाया गया तो हम हमला करके उसे ध्वस्त कर देंगे।

इस धमकी के कुछ ही दिन बाद ईरानी एयर लाइन क़िश्म फ़ार्स का विमान जिस पर अमरीका ने प्रतिबंध लगा रखा है वेनेज़ोएला की राजधानी काराकास के अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। अपनी मंज़िल पर पहुंचने से पहले इस विमान ने ट्यूनीशिया में लैंडिंग की।

ईरान पर हथियारों की ख़रीद फ़रोख़्त पर लगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों की अवधि समाप्त होने के बाद यह पहला मालवाहक विमान है जो ईरान से वेनेज़ोएला गया है।

अमरीकी सूत्र कहते हैं कि संभावित रूप से इस विमान पर मिसाइल और भारी हथियार लदे हुए थे। वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति निकोलस मादोरो ने भी इसकी घोषणा की है। मगर सवाल यह है कि बड़े कट्टरपंथी माने जाने वाले मिस्टर अब्राम्ज़ ने अपनी धमकी पर अमल क्यों नहीं किया? उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर ईरान ने मिसाइल और भारी हथियार वेनेज़ोएला भेजे तो हम उस विमान पर हमला कर देंगे या उसे ज़बरदस्ती उतार कर उस पर लदी हथियारों की खेप ज़ब्त कर लेंगे।

वेनेज़ोएला और ईरान ने जिन पर अमरीका ने कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं अपना सहयोग विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ा दिया है। पहले पेट्रोकेमिकल पदार्थों से लदे हुए समुद्री जहाज़ और टैंकर ईरान से वेनेज़ोएला गए और अब मिसाइल और भारी हथियार लेकर ईरानी जहाज़ काराकास पहुंचा है।

ट्रम्प ईरान और वेनेज़ोएला दोनों में से किसी भी देश में प्रतिबंधों या सैनिक शक्ति का प्रयोग करके सत्ता बदलने में कामयाब नहीं हो सके और हम देख रहे हैं कि उनकी सत्ता अपनी आख़िरी सांसें ले रही है। वही हाल पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जान बोल्टन का हुआ जिन्होंने पेरिस में एक सम्मेलन में कहा था कि वह ईरान की वर्तमान राजनैतिक व्यवस्था की समाप्ति का जश्न एक साल के भीतर तेहरान में मनाएंगे।

ईरान की बात करें तो यह देश अमरीकी प्रतिबंधों का सामना करते हुए आधुनिक मिसाइल और ड्रोन विमान विकसित करने के साथ ही साथ अपने घटकों की मदद करने में भी सफल रहा है। अमरीकी इंटेलीजेन्स रिपोर्टें बताती हैं कि ईरान ने वर्ष 2019 में कम से कम 12 टैंकर भेजे हैं जिनमें से अधिकतर सीरिया गए। ईरान ने हालिया दिनों सीरिया को लगभग तीस लाख बैरल ईंधन पहुंचाया है।

वाशिंग्टन को यह चिंता है कि ईरान को तेल और मिसाइलों की खेप के बदले वेनेज़ोएला से सोना मिल रहा है यानी वह डालर का प्रयोग ही नहीं कर रहा है और सोने से अपनी ज़रूरत की चीज़ें दुनिया के किसी भी देश से ख़रीद रहा है। ईरान ख़ुद को मज़बूत करने के साथ साथ लेबनान, यमन, फ़िलिस्तीन, इराक़ और सीरिया में अपने घटकों की भरपूर मदद कर रहा है।

ट्रम्प ने प्रतिबंधों के हथियार की ख़ूब बड़ाई की थी मगर यह हथियार तो अपनी धार खो चुका है क्योंकि इस हथियार का निशाना बनने वाले देशों को इससे निपटने का तरीक़ा मालूम हो गया है। प्रतिरोध और दृढ़ता ने इस मामले में अपना चमत्कार दिखाया है खेद की बात यह है कि अरब शासकों की समझ में यह समाधान नहीं आता।

स्रोतः रायुल यौम, अरबी भाषा की वेबसाइट

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