Nov ०३, २०२० १४:२५ Asia/Kolkata
  • मुसलमानों की प्रतिक्रिया, इस्लामी राष्ट्र के जीवित होने की सूचक हैः वरिष्ठ नेता

वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लाम के विरोधी आज अपने पूरे अस्तित्व के साथ इस्लाम का मुक़ाबला कर रहे हैं।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को पैग़म्बरे इस्लाम (स) और उनके पौत्र इमाम जाफ़र सादिक अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर बधाई दी।  उन्होंने टेलिविज़न पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) के अनादर पर मुसलमानों की प्रतिक्रिया, इस्लामी राष्ट्र के जीवित होने की सूचक है।  उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस्लाम के मुख्य शत्रु वर्चस्ववाद और ज़ायोनिज़्म हैं।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि वे अपने पूरे अस्तित्व के साथ इस्लाम का मुक़ाबला कर रहे हैं।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) के अपमानजनक कार्टून के प्रकाशन का उल्लेख करते हुए कहा कि एक कार्टूनिस्ट ने एक ग़लती की है किंतु यह मामला किसी एक कलाकार की ग़लती तक सीमित नहीं है बल्कि एक सरकार की नीति से संबन्धित मुद्दा है जो इस ग़लती का खुलकर समर्थन कर रही है।  उन्होंने कहा कि फ़्रांस की सरकार इस मामले को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों से जोड़ रही है और यह वही सरकार है जिसने अपने यहां ख़तरनाक आतंकवादियों को शरण दे रखी है।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह वही आतंकवादी हैं जिन्होंने ईरान में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और न्यायपालिका प्रमुख सहित 17 हज़ार से अधिक लोगों को सड़कों और बाज़ारों में शहीद किया।  सर्वोच्च नेता ने कहा कि इस्लामी समुदाय ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) के अनादर पर प्रतिक्रियाएं देकर बता दिया कि वह एक जीवित राष्ट्र है।  उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ शासकों ने इस मामले में अपनी नीचता भी दिखाई है।

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