Nov २५, २०२० ११:५९ Asia/Kolkata
  • इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता का बयान, अरब मीडिया की नज़रों से

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई की इस्लामी गणतंत्र ईरान की तीनों पालिकाओं के प्रमुखों और सुप्रीम इकॉनामिक कोआर्डिनेशन काउंसिल के अन्य अधिकारियों व सदस्यों के साथ हुई मुलाक़ात को अरब मीडिया ने विशेष कवरेज दी है।

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने मंगलवार को देश की तीनों पालिकाओं के प्रमुखों और सुप्रीम इकॉनामिक कोआर्डिनेशन काउंसिल के अन्य अधिकारियों व सदस्यों के साथ हुई मुलाक़ात में अमरीका और उसके यूरोपीय घटकों की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ एक कड़वी सच्चाई और अपराध बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा अरपाध है जो वर्षों से ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ जारी है, लेकिन पिछले तीन वर्षों के दौरान इसमें ज़्यादा कठोरता आई है। इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने प्रतिबंधों पर क़ाबू पाना और उन्हें निष्क्रिय बनाने के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि, इस रास्ते की शुरूआत में हो सकता है हमे कठिनाईयों का सामना करना पड़े लेकिन इन्हीं कठिनाईयों का डटकर मुक़ाबला करने, लगातार कोशिश करने और नए-नए रास्ते तलाश करने से हम इन प्रतिबंधों पर क़ाबू पा सकते हैं। ऐसी स्थिति में दुश्मन स्वयं प्रतिबंधों को निष्क्रिय होते देखेगा और फिर वह ख़ुद ही धीरे-धीरे प्रतिबंधों को समाप्त करने लगेगा।

लेबनान के समाचार चैनल अलमयादीन ने इस बारे में लिखा है कि, आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने कहा कि, ईरान में प्रतिबंधों को हराने की क्षमता है। इस लेबनानी चैनल ने इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने कहा है कि, प्रतिबंध एक ऐसा अपराध है जिसे अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि हम अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अजनबियों पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। इसी तरह लेबनान की ही अलअहद नामक समाचार केंद्र ने लिखा है कि, इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र में प्रतिबंधों को हराने की पूरी क्षमता पाई जाती है। वहीं आरटी अरबी ने लिखा है कि, आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई ने कहा है कि, ईरान ने प्रतिबंधों की समाप्ति के लिए वर्षों तक वार्ता की है लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला।

स्पूतनिक अरबी ने भी इस बारे में लिखा है कि , इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने यूरोपीय देशों से अपील की है कि, वे ईरान के आंतरिक मालमों में हस्तक्षेप न करें। इराक़ के सूमर्रिया चैनल ने लिखा है कि, आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने यूरोपीय देशों को संबोधित करते हुए कहा है कि, उन मामलों में हस्तक्षेप न करें जो आपसे संबंधित नहीं है। इस इराक़ी चैनल ने इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के बयान का हवाला देते हुए लिखा है कि, आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई ने कहा कि, यूरोपीय देश ख़ुद ही इस इलाक़े के मामलों में बहुत ज़्यादा हस्तक्षेप करते हैं, जबकि वे ईरान पर क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हैं। इसके अलावा भी बहुत सारे अरबी भाषी समाचार पत्रों और चैनलों ने इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के बयान को कवरेज दी है।

उल्लेखनीय है कि इस्लामी क्रांति के सर्वोचच नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने तीन यूरोपीय देशों की ओर विशेषकर इशारा किया है। उन्होंने कहा कि यह वह तीन यूरोपीय देश हैं जो ख़ुद तो इस इलाक़े के मामलों में बहुत बुरा हस्तक्षेप कर रहे हैं और ईरान से कहते हैं कि क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप न करो। आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई ने कहा कि, ब्रिटेन और फ़्रांस के पास विध्वंसक परमाणु मिसाइल हैं और जर्मनी भी इसी मार्ग पर चल रहा है फिर भी कहते हैं कि ईरान के पास मिसाइल नहीं होना चाहिए। (RZ)

 

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