Nov २८, २०२० ०९:२४ Asia/Kolkata
  • परमाणु वैज्ञानिक की हत्या जासूसी की जटिल प्रक्रिया के बाद अंजाम पाने वाली घटना, अमरीका और इस्राईल के लिप्त होने के साफ़ संकेत...ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर क्या होगा असर?

ईरान के रक्षा मंत्रालय में रिसर्च एंड इन्वेन्शन संस्था के प्रमुख मुहसिन फ़ख़्रीज़ादा की राजधानी तेहरान के क़रीब हत्या एक जटिल इंटैलीजेन्स प्रक्रिया के बाद अंजाम दी जाने वाली घटना है। इस हत्या के लिए प्रशिक्षित आतंकी टीम का इस्तेमाल किया गया। टीम ने एक झड़प में वरिष्ठ वैज्ञानिक की हत्या की जो ईरान के रक्षा मंत्रालय में रक्षा उपकरणों और मिसाइलों को विकसित करने में प्रभावी भूमिका रखते थे।

इस प्रकार की हत्याओं के लिए आम तौर पर अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए और इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद मिलकर जटिल योजना बनाते और अंजाम देते हैं। इस तरह की घटनाओं में सैटेलाइट तसवीरों, ज़मीन पर मौजूद एजेंटों और बेहद माडर्न आप्रेशन और कोआर्डिनेशन रूम का इस्तेमाल किया जाता है।

इस प्रकार की टारगेट किलिंग काफ़ी मुश्किल काम है क्योंकि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल कार्यक्रम और ख़ुफ़िया रक्षा उपकरणों के कार्यक्रमों से जुड़े वैज्ञानिकों और अधिकारियों की सुरक्षा बहुत बढ़ा रखी है।

यक़ीनन इस्राईल और अमरीकी इंटैलीजेन्स एजेंसियों को यह लगा होगा कि वैज्ञानिक की हत्या से ईरान के रक्षा और परमाणु कार्यक्रमों को आघात पहुंचेगा मगर यह भी तय है कि ईरान इस घटना पर बहुमुखी जवाबी कार्यवाही करेगा।

ईरान सबसे पहले तो देश के भीतर दुशमनों के इंटेलीजेन्स नेटवर्क को ध्वस्त करना चाहेगा और यही ईरान की प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके बाद उस टारगेट को निर्धारित करेगा जिसके बारे में ईरान के राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों ने बयान दिए हैं।

यह भी तय है कि ईरान की जवाबी कार्यवाही के बारे में बहस छिड़ेगी। दशकों का अनुभव तो यही बताता है कि ईरान आक्रोश में आकर फ़ौरन जवाबी कार्यवाही नहीं करता बल्कि हर कार्यवाही के तमाम संभावित परिणामों और आयामों पर विचार कर लेने के बाद उसे अंजाम देता है। ईरान के नीति निर्धारकों के सामने इस समय यह सवाल ज़रूर है कि क्या कोई ताक़त ईरान को किसी जाल में फंसाने की कोशिश में है कि इस प्रकार की टारगेट किलिंग के बाद ईरान जवाबी कार्यवाही करे और फिर ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले करने के लिए ट्रम्प को बहाना मिल जाए? इन आयामों को सामने रखते हुए ईरान इंतेक़ाम की रणनीति तैयार करेगा।

कमाल ख़लफ़

फ़िलिस्तीनी पत्रकार

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