Jan १६, २०२१ १६:५७ Asia/Kolkata

निरंतर धमकियों के बीच इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने एक बार फिर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।

ईरान में क्रांति की सफलता के बाद से ही सैन्य धमकी और अशांति फैलाने का सिलसिला जारी है जिसका एक लक्ष्य, इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था को गिराना है।  

इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से ही ईरान ने सारी धमकियों का डटकर मुक़ाबला किया है और अपनी शक्ति में लगातार वृद्धि की है जिसकी वजह से दुश्मन आज तक ईरान की ओर मैली नज़र उठाकर नहीं देख सका है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति को परखने के लिए पयाम्बरे आज़म-15 नामक सैन्य अभ्यास किया जिसके दौरान बैलेस्टिक मीज़ाइलों और आत्मघाती ड्रोन विमानों सहित अनेक प्रकार के मीज़ाइलों और ड्रोन विमानों ने अपनी ताक़त का प्रदर्शन किया।

सैन्य अभ्यास के मौक़े पर आईआरजीसी के वरिष्ठ कमान्डर जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि हमारी रक्षा नीति में सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक, लंबी दूरी तक मार करने वाले बैलेस्टिक मीज़ाइलों द्वारा दुश्मनों के युद्धपोतों को तबाह करना है।

उनका कहना था कि यह आम सी बात है कि समुद्र में हिलते हुए लक्ष्य को कम तेज़ी से चलने वाले क्रूज़ मीज़ाइलों से निशाना बनाया जाता है लेकिन लंबी दूरी और गहराई की वजह से बैलेस्टिक मीज़ाइलों का प्रयोग किया जाता है इसीलिए हम अपनी धरती से ही समुद्र में चलने वाले लक्ष्य को निशाना बना सकते हैं। (AK)

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