Jan २६, २०२१ १६:५६ Asia/Kolkata
  • ट्रम्प के अलविदा कहने के साथ ही ईरान के तेल निर्यात में भारी उछाल

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस से जाने के बाद, उनकी ईरान विरोधी अधिकतम दबाव की नीति भी अब दम तोड़ रही है और दुनिया भर के देश ईरान से तेल आयात में वृद्धि कर रहे हैं।

ट्रम्प प्रशासन ने अधिकतम दबाव की नीति के तहत ख़ास तौर पर ईरान तेल निर्यात को निशाना बनाया था, लेकिन 20 जनवरी को जो बाइडन के सत्ता संभालने के बाद ईरान के तेल उत्पादन की निगरानी करने वाली फ़र्मों –पेट्रो लॉजिस्टिक्स एसए, केपलर लिमिटेड और एसवीबी इंटरनेशनल एलएलसी- ने इसमें वृद्धि दर्ज की है।

एसवीबी की संस्थापक और प्रमुख सारा वख़शउरी का कहना है कि उत्पादन और निर्यात में वृद्धि, ईरान को लेकर बाइडन के नर्म रवैये का कारण है।

पिछले हफ़्ते ईरानी अधिकारियों ने कहा था कि निर्यात में नाटकीय रूप से उछाल आया है और यह अगले दो महीने में प्रतिबंधो से पहले वाले स्तर पर पहुंच सकता है।

दिसंबर में ईरान का तेल निर्यात, मार्च के बाद सबसे ज़्यादा था, और पेट्रो-लॉजिस्टिक्स के अनुसार, अप्रैल 2019 के बाद पहली बार इस महीने में यह 6 लाख बैरल से अधिक होने का अनुमान है। एसवीबी का अनुमान है कि अक्तूबर के बाद से ईरान के तेल निर्यात में 45% की वृद्धि हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी ख़रीदार अब ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ ईरान से तेल आयात में वृद्धि कर रहे हैं।

बाइडन ने अपनी चुनावी मुहिम के दौरान, ईरान परमाणु समझौते में वापस लौटने का वादा किया था, जिससे ट्रम्प 2018 में बाहर निकल गए थे। msm

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