Mar ०७, २०२१ १५:४५ Asia/Kolkata

इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर की, इस्लामी क्रान्ति के दौरान जेल और निर्वासन की ज़िन्दगी की यादों पर आधारित किताब इन्ना मअस सब्रे नस्रा क्रान्ति के दौरान कुछ मीठी कुछ कड़वी यादें रहीं।

इस वक़्त तो सभी यादें मीठी हैं। मैं जितना सोचता हूं मुझे वे कठिनाइयां और कड़वे अनुभव अब मीठे लगते हैं। अगर मैंने उससे हट कर ज़िन्दगी गुज़ारी होती तो मुझे पछतावा होता।

यह किताब अरबी में लिखी है और अरबी भाषी जवान नस्ल को पेश की गयी है।लेबनान के जवान कलाकारों के एक गुट ने इस किताब से प्रेरणा लेकर इंटरनेट पर कलाकृतियाँ पोस्ट की हैं, ताकि सुप्रीम लीडर का इस किताब के लिए आभार जताएं। इन कलाकृतियों का शीर्षक शुक्रन है।

मैं इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर का शुक्रिया अदा करने के तरीक़े के बारे में सोच रहा था कि किस तरह अदा करूं। दोस्तों की मदद से हमने यह ग्राफ़िक कृति बनायी।दोस्तों की टीम के साथ यह काम शुरू किया। इस किताब की बर्कत से धीरे धीरे इसका दायरा बढ़ता गया। दूसरे अरब देशों के युवा भी इस कलाकृति को बनाने में हमारे साथ जुड़ गए। इस्लामी क्रान्ति के चालीस साल के इतिहास में किताब इन्न मअस सब्रे नस्रा बैरूत नुमाइश में सबसे बड़ी हॉट केक साबित हुयी।

मैं आपसे इन्ना मअस सब्रे नस्रा किताब का परिचय कराना चाहता हूँ। इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर अरब युवा नस्ल को हमेशा अरबी ज़बान में संबोधित करना पसंद करते हैं। यह किताब, सुप्रीम लीडर के ख़ुद और इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के दूसरे साथियों के इस्लामी क्रान्ति के दौरान की मुश्किलों व कठिनाइयों के अनुभव पर आधारित है। इस वजह से यह किताब बहुत अहमियत रखती है। इन्शाअल्लाह आप लोग इसे पढ़ेंगे।

इन्ना मअस सब्रे नस्रा किताब मोहम्मद अली आज़रशब ने संकलित किया और फ़रवरी 2019 में बैरूत में छपी। उसी साल अगले महीने इस किताब का फ़ारसी में अनुवाद हुआ जिसका शीर्षक है वह दर्द जो फूल बन गया। थोड़े ही समय में यह किताब कई बार छपी।

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