Mar ०८, २०२१ २१:५९ Asia/Kolkata
  • किसी देश के पैसे को दूसरे देश में ब्लाक करना अन्तर्राष्ट्रीय डकैती जैसाः ईरान

ईरान का कहना है कि किसी भी देश की संपत्ति को दूसरे देश में ब्लाक करना अन्तर्राष्ट्रीय डकैती जैसा है।

ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के सदस्य का कहना है कि अमरीकी दाबाव के भय में दक्षिणी कोरिया ने ईरान के पैसों को ब्लाक कर रखा है।

जलील रहीमी जहानाबादी ने कहा कि यह खुली हुई अन्तर्राष्ट्रीय डकैती है।  उनका कहना था कि दक्षिणी कोरिया ने ईरान के साथ अपने संबन्धों को अमरीका से जोड़ दिया है जो तार्किक नहीं है।  जहानाबादी ने कहा कि यह काम दक्षिणी कोरिया के राष्ट्रीय हितों के लिए भी अच्छा नहीं है।  उनका कहना था कि इसका नुक़सान कोरियावालों को भुगतना होगा क्योंकि ईरान, पश्चिमी एशिया का एक प्रभावशाली देश है।  जलील रहीमी ने कहा कि यह पैसा ईरानी जनता का है।

उन्होंने कहा कि दक्षिणी कोरिया का यह काम, ईरानी जनता के दिमाग़ में बाक़ी रहेगा और भविष्य में दोनो देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, कूटनीतिक एवं सांस्कृतिक संबन्धों को यह अवश्य प्रभावित करेगा।  

ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के सदस्य जहानाबादी का कहना है कि प्रतिबंधों के काल तथा कोरोना महामारी के दौर में दक्षिणी कोरिया ने वाइट हाउस का पक्ष लिया है जो दक्षिणी कोरिया की जनता के हितों को नुक़सान पहुंचाएगा।

उल्लेखनीय है कि दक्षिणी कोरिया के विदेश मंत्रालय न एक बयान जारी करके बताया है कि ईरान के अरबों डाॅलर की जो संपत्ति हमारे यहां मौजूद है उसको अमरीका के साथ वार्ता करने के बाद ही तेहरान को वापस दिया जा सकता है।  वर्तमान समय में ईरान के लगभग सात अरब डाॅलर, दक्षिणी कोरिया की बैंकों में मौजूद हैं। 

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