Mar २०, २०२१ १६:२० Asia/Kolkata
  • इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने नए हिजरी शमसी साल को

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने सन 1400 हिजरी शमसी के आरंभ के उपलक्ष्य में अपने संदेश में ईदे नौरोज़ की बधाई पेश करते हुए नए साल को "उत्पादन, समर्थन और रुकावटें के उन्मूलन" के साल का नाम दिया है।

आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने संदेश में सभी देश वासियों विशेष कर शहीदों व युद्ध में घायल होने वालों के परिजनों और नौरोज़ मनाने वाले सभी राष्ट्रों को बधाई पेश की है और नए साल को उत्पादन, समर्थन और रुकावटें के उन्मूलन के साल क़रार दिया है। उन्होंने कहा है कि वर्ष 1399 हिजरी शमसी में कई अलग-अलग और अभूतपूर्व घटनाएं विशेष कर कोरोना की महामारी सामने आई और इस वायरस ने लोगों की ज़िंदगी, उनके काम-काज, पढ़ाई-लिखाई, धार्मिक समारोहों, स्पोर्ट्स और यात्राओं को प्रभावित किया और देश में रोज़गार को काफ़ी नुक़सान पहुंचाया।

 

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने दसियों हज़ार प्रिय देश वासियों की कोरोना के कारण मौत को वर्ष 1399 की घटनाओं में सबसे कड़वी घटना बताया और मरने वालों के लिए ईश्वरीय दया व क्षमा की कामना करते हुए उनके दुखी परिवारों से संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि दुश्मन के अधिकतम दबाव को विफल बना कर वर्ष 1399 में ईरानी राष्ट्र ने अपनी क्षमताओं को अधिक उजागर कर दिया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दुश्मन, जिनमें अमरीका सबसे आगे है, ईरानी राष्ट्र को झुकाना चाहते थे लेकिन हम जानते थे कि ईरानी राष्ट्र डट जाएगा और दुश्मनों को पराजय होगी और आज ख़ुद अमरीकी और उनके यूरोपीय दोस्त यह मान रहे हैं कि अधिकतम दबाव की नीति नाकाम हो गई है। (HN)

 

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