Apr ०९, २०२१ १७:०९ Asia/Kolkata

ईरान में एक तरफ़ परमाणु तकनीक का राष्ट्रीय दिवस मनाया जा रहा है तो दूसरी ओर परमाणु विषय पर वियेना में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है।

9 अप्रैल 2006 को ईरानी वैज्ञानिकों ने कड़ी मेहनत के बाद न्युक्लियर फ़्यूल साइकल या परमाणु ईंधन चक्र पूरा कर लिया था जो आणविक प्रद्योगिकी के मैदान में बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

ईरान के वैज्ञानिक विकास का सफ़र पूरी गति से जारी रहा और आज सारी दुनिया यह मानने पर मजबूर है कि परमाणु विज्ञान ही नहीं बल्कि समस्त वैज्ञानिक क्षेत्रों में ईरान उल्लेखनीय रूप से प्रगति करता जा रहा है।

न्युक्लियर मेडिसिन बनाने में ईरान आत्म निर्भर बन चुका है बल्कि यह देश अब यह दवाएं बहुत से पड़ोसी देशों को निर्यात करने की स्थिति में है।

ईरान ने साबित किया है कि वह परमाणु विज्ञान के बहुमुखी सिविलियन उपयोग से पूरी तरह वाक़िफ़ है और इस तकनीक के हर क्षेत्र में विकास की पूरी क्षमता रखता है। ईरान शुरू से कहता आ रहा है और अब भी अपनी इस बात पर क़ायम है कि वह सामरिक उद्देश्य से परमाणु तकनीक का इस्तेमाल हरगिज़ नहीं करेगा।

इस बीच परमाणु मुद्दे पर आस्ट्रिया की राजधानी वियेना में चीन, रूस, फ़्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी से ईरान की वार्ता संपन्न हुई। परमाणु मुद्दे से संबंधित संयुक्त आयोग की बैठक में संबंधित देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ईरान की ओर से इस बैठक में भाग लेने के लिए वियेना में मौजूद विदेश उपमंत्री अब्बास इराक़ची ने कहा कि शुक्रवार की वार्ता संपन्न हुई और अगली बैठक बुधवार को होगी।

अब्बास इराक़ची ने ईरान का तार्किक स्टैंड पूरी दृढ़ता के साथ दोहरा दिया है कि जब तक अमरीका प्रतिबंध हटा नहीं लेता उस समय तक वह ईरान से कोई भी क़दम उठाने की अपेक्षा न करे।

अब्बास इराक़ची का कहना था कि ईरान यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है और जब तक प्रतिबंधों की समाप्ति के बारे में कोई समझौता नहीं हो जाता उस समय तक संवर्धन की प्रक्रिया इसी तरह जारी रहेगी।

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्ज एजेंसी आईएईए में ईरान के राजदूत और ईरान की परमाणु वार्ताकार टीम के सदस्य काज़िम ग़रीबाबादी ने अपने इंटरव्यू में कहा कि परमाणु समझौता हुआ था जिस पर ईरान अमल कर रहा था जबकि अमरीका अपनी बहुत सी प्रतिबद्धताओं पर अमल करने में आनाकानी कर रहा था।

इस बीच अमरीका ने यह किया कि परमाणु समझौते से बाहर निकलने का एलान किया और ईरान पर बहुत से प्रतिबंध लगा दिए तो अब जब तक वह सारे प्रतिबंध समाप्त नहीं कर देता उस समय तक परमाणु समझौते में अमरीका की वापसी का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि एमटी डील होने के बाद अमरीका ने जो प्रतिबंध हटाए थे और ट्रम्प सरकार ने दोबारा लगा दिए वह सारे प्रतिबंध हटने चाहिए, साथ ही ट्रम्प सरकार ने इसके अलावा भी जो प्रतिबंध ईरान पर लगाए हैं उन सबका हटाया जाना ज़रूरी है। ग़रीबाबादी ने कहा कि परमाणु मामले से हटकर दूसरे बहानों से भी ईरान पर अमरीका ने जो प्रतिबंध लगाए हैं वह भी उसे हटाने होंगे।

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