Apr ११, २०२१ १६:०१ Asia/Kolkata
  • वियना वार्ता को लेकर बड़ा ख़ुलासा, सिर्फ़ परमाणु समझौते से संबंधित प्रतिबंधों का हटाया जाना काफ़ी नहीं होगा

वियना वार्ता के एक नज़दीकी सूत्र का कहना है कि सिर्फ़ परमाणु समझौते से संबंधित प्रतिबंधों को हटाया जाना काफ़ी नहीं है, बल्कि अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के शासनकाल में लगाए गए प्रतिबंधों समेत सभी प्रतिबंध हटाए जाने चाहिएं।

रविवार को प्रेस टीवी से सूत्र ने बताया कि जेसीपीओए या परमाणु समझौते से संबंधित प्रतिबंधों का हटाया जाना काफ़ी नहीं है, बल्कि ट्रम्प ने दूसरे कारणों से भी जो प्रतिबंध लगाए हैं, उनका हटना ज़रूरी है।

सूत्र का कहना था कि इतना ही नहीं बल्कि ओबामा प्रशासन द्वारा तथाकथित ईरान सेंक्शंस एक्ट (आईएसए) के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना होगा।

ईरान और गुट 4+1 यानी ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस, चीन और जर्मनी के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को पहले चरण की वार्ता समाप्त हुई थी, जिसमें ईरान विरोधी अमरीकी प्रतिबंधों को हटाए जाने और परमाणु समझौते में अमरीका की वापसी के मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।

रविवार को प्रेस टीवी से बात करने वाले स्रोत ने उल्लेख किया कि प्रतिबंधों के हटाए जाने के सत्यापन के लिए आवश्यक समय तीन से छह महीने का होगा और ईरान अस्थायी रूप से प्रतिबंधों को हटाए जाने या उनमें छूट दिए जाने को स्वीकार नहीं करेगा।

स्रोत ने निश्चित रूप से प्रतिबंधों के हटाए जाने की ज़रूरत पर बल देते हुए कहा कि अगर अमरीका, ईरान की इन शर्तों को मानने से इनकार करता है तो वियना में अगले हफ़्ते होने वाली वार्ता से अमरीकी वार्ताकार ख़ाली हाथ वाशिंगटन लौटने पर मजबूर हो जायेंगे।

परमाणु समझौता 2015 में ईरान और अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस, चीन और जर्मनी के बीच हुआ था। लेकिन पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 2018 में इससे बाहर निकलने का एलान करते हुए ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। msm

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