Apr १९, २०२१ १५:३८ Asia/Kolkata
  • हमले के बाद 60 प्रतिशत यूरेनियम संवर्धन की शुरूआत, ईरान से मुक़ाबला टफ़ है, इस्राईली जनरल

इस्राईली सेना की ख़ुफ़िया सेवा के पूर्व प्रमुख का कहना है कि पिछले रविवार को नतंज़ परमाणु केन्द्र में विध्वंसकारी कार्यवाही के बाद पहली बार 60 फ़ीसद यूरेनियम संवर्धन की शुरूआत से पता चलता है कि ईरान पहले से ही इस तरह के हमलों का सामना करने के लिए था।

नतंज़ परमाणु केन्द्र पर आतंकवादी हमले के बाद, ईरान के दुश्मनों ने ऐसी अफ़वाहें उड़ाना शुरू कर दी थीं कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन की क्षमता को भारी नुक़सान पहुंचा है और वह कम से कम 9 महीने तक अपनी इस क्षमता को बहाल नहीं कर सकेगा। हालांकि तेहरान द्वारा संवर्धन का ग्रेड तुरंत रूप से 20 फ़ीसद से बढ़ाकर 60 फ़ीसद करने से इन अफ़वाहों पर पानी फिर गया।  

इस्राईली सेना की ख़ुफ़िया सेवा के पूर्व प्रमुख आमोस यादलिन ने सीएनबीसी से बात करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि ईरान पिछले 20 वर्षों से इस तरह के हमले के लिए तैयार था।

ग़ौरतलब है कि 1981 में इराक़ के निर्माणाधीन परमाणु प्रतिष्ठान पर बमबारी करने वाले इस्राईली पायलटों में से एक यादलिन भी थे।

इस्राईली सेना की ख़ुफ़िया सेवा के प्रमुख के रूप में उन्होंने 2007 में सीरिया के ख़ुफ़िया परमाणु प्लांट पर बमबारी की योजना तैयार की थी, हालांकि दमिश्क़ का कहना है कि उसकी कभी ऐसी कोई योजना नहीं थी।

यादलिन का कहना था कि इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन और इसी तरह से सीरियाई राष्ट्रपति बश्शार असद आश्चर्यचकित रह गए थे, लेकिन ईरान को कोई आश्चर्य नहीं हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि इराक़ और सीरिया के परमाणु प्रतिष्ठान एक ही स्थान पर केन्द्रित थे, लेकिन ईरान का परमाणु कार्यक्रम काफ़ी फैला हुआ है और बहुत मज़बूत है।

यादलिन के अनुसार, हमने जो किया उसको देखते हुए ईरान ने रणनीति बनाई। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि इस्राईल ने भी अपनी अतीत की कार्यवाहियों से सीखा है और अधिक विध्वंसकारी कार्यवाहियों के लिए उसके पास अधिक क्षमता है। msm

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स