May ०६, २०२१ १८:३३ Asia/Kolkata
  • वियना में अमेरिका और यूरोप की साम्राज्यवादी मांग से, परमाणु वार्ता पर संकट मंडराया

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने अपनी साम्राज्यवादी सोच के साथ ईरान से नई पीढ़ी की सेन्ट्रीफ्यूज मशीनों को ख़त्म करने की मांग की है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक़, कुछ प्रतिबंधों को अस्थाई रूप से हटाने के बदले में अमेरिका और यूरोप ने ईरान से नई पीढ़ी के IR-6,IR­-9 और IR-4 सेन्ट्रीफ्यूजों को मिटाने की मांग की है।

यह मांग उस स्थति में की जा रही है जब अमेरिका अभी तक प्रतिबंधों को समाप्त करने और परमाणु समझौते में अपने वचनों के पालन के प्रति कटिबद्ध नहीं हुआ है।

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, वियना में होने वाली वार्ता में अमेरिका और यूरोपीय पक्ष कुछ प्रतिबंधों को अस्थाई रुप से रोके जाने के बदले में परमाणु ऊर्जा के संबंध में ईरान पर अपने नये दृष्टिकोणों को थोपने की चेष्टा में हैं और नये सेंन्ट्रीफ्यूजों की समाप्ति उनकी मांगों से एक है।

इस विषय को ऐसी स्थिति में पेश किया जा रहा है जब परमाणु समझौते के मुताबिक़ और दोनों पक्षों द्वारा परमाणु समझौते में अपने वचनों पर लौट आने पर सहमति हो जाने की स्थिति में भी इन सेंट्रीफ्यूजों को नष्ट नहीं किया जाना चाहिये और परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी IAEA की निगरानी में केवल इन्हें जमा किया जा सकता है।

प्रेस टीवी ने रिपोर्ट दी है कि विशिष्टता पर आधारित पश्चिमी देशों द्वारा अपनी मांग पर आग्रह, वियना में होने वाली वार्ता के ख़त्म होने का कारण बन सकता है।

ज्ञात रहे कि 8 मई 2018 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प एक पक्षीय और ग़ैर कानूनी तरीके से परमाणु समझौते से निकल गये थे, किन्तु अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस समझौते में वापस आने की इच्छा जताई थी मगर उन्होंने आज तक इस समझौते में वापस आने के लिए व्यवहारिक रूप से कुछ नहीं किया। MM

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