May १६, २०२१ ०९:०० Asia/Kolkata
  • क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर की फ़िलिस्तीनी नेताओं से बातचीत, इस्राईल अपने गुनाहों का हिसाब देने के लिए हो जाए तैयार!

आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर जनरल इस्माईल क़ाआनी ने फ़िलिस्तीन और गज़्ज़ा की ताज़ा स्थिति को लेकर फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधी आंदोलन हमास और जेहादे इस्लामी आंदोलन के नेताओं से टेलीफ़ान पर बातचीत की है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर और शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी के उत्तराधिकारी जनरल इस्माईल क़ाआनी ने फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलन "हमास" के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख “इस्माईल हनिया” और फ़िलिस्तीन के जेहादे इस्लामी आंदोलन के महासचिव “ज़्याद अन्नख़ाला” से टेलीफ़ोन पर फ़िलिस्तीन और गज़्ज़ा की ताज़ा स्थिति के बारे में चर्चा की।

जनरल क़ाआनी ने बातचीत के दौरान अत्याचारी ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनी राष्ट्र द्वारा किए जा रहे प्रतिरोध की सराहना की और तेल अवीव द्वारा अंजाम दिए जा रहे जघन्य अपराधों की कड़े शब्दों में निंदा की। इस बातचीत के दौरान हमास के नेता इस्माईल हनिया ने भी कहा कि क़ुद्स का युद्ध फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के सभी युवाओं का युद्ध है। उन्होंने ईरान द्वारा फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का पूर्ण रूप से किए जाने वाले समर्थन पर आभार व्यक्त किया।

इस बीच आईआरजीसी के कमांडर जनरल इस्माईल क़ाआनी ने फ़िलिस्तीन के जेहादे इस्लामी आंदोलन के महासचिव “ज़्याद अन्नख़ाला” से भी फ़िलिस्तीन के ताज़ा हालात में बातचीत की है। वहीं क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर की प्रतिरोध आंदोलनों के नेताओं से हुई बातचीत के बाद ज़ायोनी शासन के अधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, तेल अवीव को इस बात का डर सता रहा है कि आने वाले दिनों में फ़िलिस्तीन के प्रतिरोध आंदोलन अपनी जवाबी कार्यवाही में और ज़्यादा तेज़ी ला सकते हैं जिससे ज़ायोनी शासन को ऐसी क्षति पहुंचेगी कि जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी।

उल्लेखनीय है कि फ़िलिस्तीन के स्वास्थ मंत्रालय ने घोषणा की है कि, पिछले दिनों में इस्राईल द्वारा गज़्ज़ा पर किए गए पाश्विक हमलों में 39 बच्चों सहित 139 फ़िलिस्तीनी शहीद और 950 घायल हुए हैं। वहीं मानवाधिकारों को लेकर बड़े-बड़े दावा करने वाले पश्चिमी देश ज़ायोनी शासन द्वारा फ़िलिस्तीनियों के जिए जाने वाले नरसंहार पर न केवल मूकदर्शक बने बैठे हैं बल्कि उसकी पीठ भी थपथपा रहे हैं और उसके इस जघन्य अपराध में भागीदार भी हैं। इस बीच प्रतिरोध आंदोलनों ने कहा है कि अवैध ज़ायोनी शासन अपने अत्याचारों की सज़ा भुगतने के लिए तैयार हो जाए। प्रतिरोध आंदोलनों ने कहा है कि ज़ायोनी शासन को मस्जिदुल अक़्सा, बैतुल मुक़द्दस, गज़्ज़ा और फ़िलिस्तीनी राष्ट्र पर किए गए आक्रमण की क़ीमत चुकाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए। (RZ)

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स