Jun २३, २०२१ १७:४१ Asia/Kolkata

छली रात अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन के शैख़ जर्राह मोहल्ले के निवासियों ने बड़ी कठिन रात गुज़ारी क्योंकि

पिछली रात अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन के शैख़ जर्राह मोहल्ले के निवासियों ने बड़ी कठिन रात गुज़ारी क्योंकि बड़ी संख्या में कालोनीवासियों ने ज़ायोनी सैनिकों के समर्थन से इस मोहल्ले के रहने वाले फ़िलिस्तीनियों और उनके घरों पर हमले कर दिए ताकि इस मोहल्ले के रहने वाले अरबों को डराएं और उनके घरों पर क़ब्ज़ा कर सकें और उनको यहां से कूच करने पर मजबूर कर सकें, यह मोहल्ला ज़ायोनी शासन द्वारा स्थानीय लोगों के जातीय सफ़ाए का प्रतीक बन गया है।

वास्तविक अर्थ में हमारे विरुद्ध आतंकवादी कार्यवाहियां की जा रही हैं. फ़िलिस्तीनी जवानों ने मस्जिदुल अक़सा के नज़दीक बाबुल आमूद क्षेत्र में फ़िलिस्तीनियों के घरों पर ज़ायोनियों के क़ब्ज़ा करने की कोशिश और सलवान क्षेत्र से स्थानीय लोगों को निकालने की उनके प्रयासों का डटकर मुक़ाबला किया, सलाहुद्दीन और बाबुल आमूद क्षेत्र में ज़ायोनी सैनिकों और स्थानीय फ़िलिस्तीनियों के बी भीषण झड़पें हुईं।

ज़ायोनी कालोनियों के निवासियों ने घरों के दरवाज़े तोड़ दिए और घरों में घुस गये, उनका दावा था कि इस घर से फ़ायरिंग हुई और पत्थरबाज़ी की गयी, जबकि एसा नहीं है, दो सहायताकर्मी युवा यहां थे जिन्हें वे गिरफ़्तार कर ले गये, यह रोज़ाना का काम है।

 शैख़ जर्राह और शैख़ सलवान जैसे मोहल्लों और बैतुल मुक़द्दस तथा उसके निवासियों को निशाना बनाए जाने का सिलसिला जारी है, ज़ायोनी शासन इन मोहल्लों के यहूदीकरण और फ़िलिस्तीनियों को यहां से निकालने के लिए निरंतर कार्यवाहियां कर रहा है। (AK)

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स