Jul ३०, २०२१ ११:३९ Asia/Kolkata
  • इराक़ी स्वयंसेवी सुरक्षा संगठनः अमरीका इराक़ से जाना नहीं चाहता लेकिन यहां मौजूद रहने की उसे भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी!

इराक़ में आतंकवाद से संघर्ष के लिए गठित होने वाली पापुलर फ़ोर्स के एक संगठन असाएब अहले हक़ के प्रमुख शैख़ क़ैस ख़जअली ने चेतावनी दी है कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति जारी रहने की भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।

शैख़ ख़ज़अली ने कहा कि अमरीकी सरकार इराक़ से अपने सैनिकों को निकालने का कोई इरादा नहीं रखती। उन्होंने कहा कि इराक़ के भीतर अमरीकी विमानों की उड़ानें जासूसी के उद्देश्य से अंजाम पा रही हैं। ख़ज़अली ने कहा कि इराक़ अमरीका रणनैतिक वार्ता में इराक़ से अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने का फ़ैसला नहीं किया गया बल्कि केवल शब्दों से खेला जा रहा है।

ख़ज़अली ने 2021 के अंत तक इराक़ से अमरीकी काम्बैट सैनिकों के निकल जाने के बारे में हुए समझौते पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सरासर धोखा है। उन्होंने कहा कि इराक़ और अमरीका के विदेश मंत्रालय के बयान में यह साफ़ नहीं किया गया है कि काम्बैट फ़ोर्स से क्या तात्पर्य है और न ही अमरीकी उड़ानों से इराक़ की संप्रभुता के हनन के बारे में कोई बात कही गई है।

इराक़ में अमरीका की सैनिक उपस्थिति के कट्टर विरोधी संगठन के प्रमुख का कहना था कि हमने पहले ही कह दिया था कि अमरीकियों को बाहर निकालने की गंभीरता से कार्यवाही नहीं की जा रही है बल्कि केवल नाम बदला जा रहा है।

ख़ज़अली ने कहा कि अमरीका ने फ़ार्स खाड़ी को अमरीकी युद्धक नौकाओं से पाट दिया है लेकिन इराक़ में अमरीकी फ़ोर्सेज़ को तैनात रखने की अमरीका को भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इराक़ी प्रधानमंत्री साफ़ शब्दों में कहें कि इराक़ में अमरीका की हवाई छावनियां पूरी तरह ख़त्म हो जाएगीं।

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