Aug १९, २०२१ १४:४१ Asia/Kolkata
  • अफ़ग़ानिस्तान के बाद इराक़ और सीरिया से अमेरिका के भागने की बारी है: हसन नसरुल्लाह

हिज़्बुल्लाह महासचिव ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों की शहादत के दुखद अवसर पर आशूरा के दिन दिए अपने भाषण में सबसे पहले पैग़म्बरे इस्लाम (स)  हज़रत अली (अ) हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा और विश्व के अंतिम मुक्तिदाता इमाम मेहदी (अ) की सेवा में श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, हिज़्बुल्लाह नेता सैयद हसन नसरल्लाह ने संयुक्त राज्य अमेरिका को दुनिया में उत्पीड़न और बर्बरता का प्रतीक बताया है। आशूरा दिवस के अवसर पर अपने भाषण में सैयद हसन नसरल्लाह ने कहा कि अधिकांश अमेरिकी सरकारें दुनिया में क्रूरता और बर्बरता के मामले में सबसे आगे रही हैं। उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका को मिली शर्मनाक हार के बाद अब सभी की निगाहें इराक़ और सीरिया पर टिकी हुई हैं।

सैयद हसन नसरल्लाह ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों को वापस भेजने के संबंध में इराक़ा द्वारा लिआ गया फैसला एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इराक़ियों को अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सलाहकारों की मौजूदगी के परिणामों को ध्यान में रखना चाहिए। हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा कि क्षेत्र के राष्ट्रों को इस क्षेत्र पर शासन करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, तेल, जल संसाधनों और सभी प्रकार की धन और संपत्तियों पर क्षेत्र के राष्ट्रों का नियंत्रण होना चाहिए।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने अपने भाषण में कहा कि आशूरा का संदेश सभी न्यायप्रेमी और स्वतंत्रप्रेमी लोगों के लिए यह है कि वह मज़लूम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें। उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीनी राष्ट्र इसका जीवित उदाहरण है कि जहां कि अत्याचार ग्रस्त जनता का साथ देना ही आशूरा का उद्देश्य है। हिज़्बुल्लाह महासचिव ने कहा कि हम उस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतेज़ार कर रहे हैं कि जब अतिग्रहणकारी फ़िलिस्तीनियों की ज़मीनों को छोड़कर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पवित्र मिशन की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी प्रतिरोध की सभी धुरियों की है न केवल फ़िलिस्तीनियों की। (RZ)  

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