Aug २३, २०२१ २०:०५ Asia/Kolkata
  • फ़िलिस्तीनियों के सटीक मिसाइल पूरी तरह हैं तैयार, कभी भी शुरू हो सकती है इस्राईल से जंग...हिंसक प्रदर्शनों से निकलने वाली चिंगारी लावा बन सकती है!

गज़्ज़ा से लगने वाली इस्राईली सीमा जो दरअस्ल अवैध रूप से क़ब्ज़े में लिए गए फ़िलिस्तीनी इलाक़ों की सीमा है इस समय हिंसक प्रदर्शनों और भारी तनाव का दृष्य देख रही है। हिंसा में एक इस्राईली सैनिक घायल हो गया और चालीस से अधिक फ़िलिस्तीनियों को चोटें आईं।

सैफ़ुल क़ुद्स-2 जंग अब लगता है कि क़रीब आ गई है। ग़ज़्ज़ा पट्टी में फ़िलिस्तीनी संगठनों ने अपने मिसाइल तैयार करना शुरू कर दिए हैं जिनके निशाने पर इस्राईल के भीतर मौजूद कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान हैं। इस्राईली सरकार ने अब तक न तो ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्टन ख़त्म किया है और न ही पुनरनिर्माण की प्रक्रिया शुरू होने दी है। जबकि सैफ़ुल क़ुद्स-1 जंग में संघर्ष विराम के समय इस्राईल ने यह शर्त मानी थी कि वह ग़ज़्ज़ा पट्टी की नाकाबंदी ख़त्म करेगा। बहरहाल इस्राईल इससे पहले भी बार बार धोखा देता आया है।

खेद की बात यह है कि मिस्र जिसने संघर्ष विराम के लिए मध्यस्थता की थी वह संघर्ष विराम का गैरेंटर भी बना था, अब तक उसने इस्राईल की निंदा में एक भी बयान नहीं दिया है।

बीस लाख से अधिक फ़िलिस्तीनी ग़ज़्ज़ा पट्टी में भुखमरी का सामना कर रहे हैं और बेहद कठिन हालात में जीवन गुज़ार रहे हैं।

इस्राईली प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेत ग़ज़्ज़ा पट्टी की सीमा पर सेना का जमावड़ा कर रहे हैं और फ़िलिस्तीनियों को सबक़ सिखाने की बात कर रहे हैं।

इस्राईली सैनिकों ने महमूद अब्बास के नेतृत्व वाले प्रशासन के सुरक्षा बल के सामने जेनिन शहर में चार फ़िलिस्तीनियों की हत्या कर दी जिसके जवाब में जेहादे इस्लामी संगठन ने ग़ज़्ज़ा पट्टी से इस्राईल पर मिसाइल हमला किया। यहीं से गज़्ज़ा के शेरों ने संदेश दे दिया है कि वह क़ुद्स और वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनियों की जानों और पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

पहली सैफ़ुल क़ुद्स या क़ुद्स की तलवार नामक जंग में इस्राईल का मिसाइल ढाल सिस्टम आयरन डोम नाकाम रहा था और इस्राईल को बिन गोरियन और अमून एयरपोर्ट बंद करने पड़े थे और साठ लाख ज़ायोनियों को भूमिगत शरण स्थलों के भीतर बंद करना पड़ा था।

सैफ़ुल क़ुद्स-2 जंग अधिक ख़तरनाक होगी। यह जंग बेनेत की सरकार का ख़ात्मा भी कर सकती है और इस्राईलियों पर छाए भय के वातावरण को और भी गंभीर बना सकती है।

यह भी महत्वपूर्ण है कि हालिया 11 दिवसीय ग़ज़्ज़ा युद्ध में इस्राईल की मिसाइल ढाल व्यवस्था आयरन डोम के मिसाइल ख़त्म होने की कगार पर पहुंच गए थे लेकिन फ़िलिस्तीनी संगठनों के मिसाइलों का भंडार ख़ाली नहीं हुआ और इस समय तो यह भंडार फिर एक जंग के लिए तैयार है।

स्रोतः रायुल यौम

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