Sep २०, २०२१ १५:०५ Asia/Kolkata

ज़ायोनी शासन हर तरीक़े से फ़िलिस्तीनियों की हत्या करना चाहता है।

यह ग़ज़्ज़ा का कैंसर का अस्पताल है, इसमें भर्ती लोग या तो इस्राईल द्वारा प्रतिबंधित हथियारों के प्रयोग की वजह से कैंसर में ग्रस्त हो गये हैं या उपचार के लिए उन्हें ग़ज़्ज़ा से बाहर जाने की इजाज़त नहीं है, इसका मतलब मौत को निश्चित रूप से दावत देना है, इसका विरोध करते हुए कैंसर के मरीज़ों ने दुनिया तक अपनी अवाज़ पहुंचाने की कोशिश की, शायद इस्राईली शासन अपने इस अत्याचारपूर्ण क़दम से पीछे हटने पर मजबूर हो जाए... एक मरीज़ बच्चे की मां का कहना है कि यह बच्चे हैं, इन निर्दोष बच्चों का गुनाह क्या है, इनका उपचार क्यों नहीं होना चाहिए, दुनिया के बच्चे खेलते कूदते हैं और उपचार के लिए दूसरे देशों में जाते हैं लेकिन फ़िलिस्तीनी बच्चे इससे वंचित हैं, यह मेरा बेटा है, जो अस्पताल में भर्ती है।

एक मरीज़ महिला का कहना है कि मेरे उपचार का एक हिस्सा तो यहां है लेकिन दूसरे हिस्से यहां मौजूद नहीं हैं, वह इलाज फ़िलिस्तीन से बाहर होगा जिसके लिए मुझे बाहर जाना होगा, ताकि अपनी बीमारी का इलाज कर सकूं, मेरे पास सिर्फ़ तीन दिन है, विदेश जाने और लौटने के लिए।

ग़ज़्ज़ा के रंतीसी हास्पिटल के जो कैंसर का विशेष अस्पताल है, प्रबंधक का कहना है कि हर महीने बड़ी संख्या में बीमार लोग इस हास्पिटल में आते हैं जबकि अस्पताल उनकी सारी ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता नहीं रखता, यह अस्पताल ग़ज़्ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय का है, ग़ज़्ज़ा के डाक्टरों और अस्पतालों को इस्राईल के पाश्विक परिवेष्टन का सामना है जिसकी वजह से ज़रूरत की चीज़ें  मुहैया नहीं हो पाती क्योंकि दबाव की वजह से निम्नतम ज़रूरत की चीज़ें भी उपलब्ध नहीं हो पातीं।

 एक डाक्टर का कहना है कि कैंसर की वजह से मरने वाले मरीज़ों के आंकड़े देखने से पता चलता है कि इन लोगों को उपचार के लिए विदेश जाने की इजाज़त नहीं है, हमारे पास हर महीने लगभग 150 कैंसर के नये मरीज़ आते हैं और इस तरह से हर साल एक हज़ार 800 कैंसर के मरीज़ अस्पतालों का रूख़ करते हैं, यह आंकड़ा बहुत ही भयावत है। इस्राईल के अपराध केवल गोलियों और तोप तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इस नीति की वजह से बहुत से मरीज़ मौत की नींद सो जाते हैं, ये मरीज़ विश्व समुदाय के अर्थपूर्ण मौन के समाने ज़िंदगी की बाज़ी हार जाते हैं। (AK)

 

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजि

टैग्स