Sep २१, २०२१ ०१:३९ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब और अरब इमारात केवल अमेरिकी हथकंडे और दुधारु गाय हैं” अंसारुल्लाह

यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के नेता ने कहा है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात अमेरिकी हथकंडे हैं।

समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार अंसारुल्लाह आंदोलन के नेता अब्दुल मलिक बद्रुद्दीन अलहूसी ने 21 सितंबर वर्ष 2014 की क्रांति के उपलक्ष्य में बोलते हुए कहा कि इस क्रांति से पहले इस देश के राजनीतिक अधिकारी अमेरिकी दूतावास से लेनदेन करते थे।

उन्होंने कहा कि इस क्रांति से पहले यमन की अर्थ व्यवस्था को जो नुकसान पहुंचा है वह केवल परिवेष्टन या प्राकृतिक स्रोतों तक पहुंच के कारण नहीं था बल्कि सुरक्षा स्थिति, हत्या, विस्फोट और आतंकवादी तत्वों की उपस्थिति इस देश की अर्थ व्यवस्था के विषम होने में प्रभावी थी।

अब्दुल मलिक बद्रुद्दीन अलहूसी ने कहा कि उस समय अमेरिकी राजदूत देश के समस्त फैसलों में हस्तक्षेप करता था और अमेरिकी दूतावास ने व्यवहारिक रूप से राष्ट्राध्यक्ष का स्थान ले लिया था। उन्होंने कहा कि यमन पर हमला अमेरिका, इस्राईल और ब्रिटेन के हितों के परिप्रेक्ष्य में था।

उन्होंने वाशिंग्टन के साथ रियाज़ और अबूधाबी के संबंधों के बारे में भी कहा कि सऊदी अरब और अरब इमारात केवल अमेरिकी हथकंडे और दुधारु गाय हैं। इसी प्रकार उन्होंने ज़ायोनी शासन के मुकाबले में अमेरिकी नीतियों के संबंध में कहा कि जहां भी अमेरिका कोई काम करता है वह इस्राईल के हितों को दृष्टिगत रखता है क्योंकि क्षेत्र में वह अमेरिका का एकमात्र प्रतिनिधि है।

उन्होंने सितंबर 2014 में यमनी क्रांति के परिणामों के संबंध में कहा कि इस क्रांति के बाद अमेरिका समझ गया कि अब पहले की तरह जो भी चाहे वह अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि 21 सितंबर की क्रांति ने यमन को इज़्ज़त और आज़ादी लौटा दी। MM

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