Sep २३, २०२१ ०६:२७ Asia/Kolkata
  • ईरान के संबंध में सऊदी अरब के बदले सुर, ईरान हमारा पड़ोसी है, आशा है उसके साथ बातचीत विश्वास बहाली का कारण बनेगीः सऊदी नरेश

सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने कहा है कि ईरान हमारा पड़ोसी है और हमें आशा है कि उसके साथ हमारी बातचीत विश्वास बहाली का कारण बनेगी।

समाचार एजेन्सी तसनीम ने अलजज़ीरा के हवाले से    सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने कहा है कि आज विश्व समुदाय को जिन चुनौतियों का सामना है उसके दृष्टिगत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत बनाये जाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की विदेश नीति में सुरक्षा व स्थाइत्व को मजबूत बनाने और शांतिपूर्ण रास्तों के समर्थन को बहुत महत्व प्राप्त है।

इसी प्रकार सऊदी नरेश ने कहा कि रियाज़ का मानना है कि मध्यपूर्व के संकटों के समाधान का बेहतरीन विकल्प शांति है। उन्होंने दावा किया कि यमन के लिए सऊदी अरब की जो शांति योजना है उसके ज़रिये यमन में शांति व्यवहारिक हो सकती है। सऊदी नरेश ने दावा किया कि अंसारुल्लाह शांतिपूर्ण मार्ग का विरोधी है और वह समुद्री परिवहन को धमकी देता है। सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने दावा किया कि अंसारुल्लाह प्रतिदिन सऊदी अरब में असैन्य स्थानों पर हमला करता है।

जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका ने सऊदी अरब से जो अपने पैट्रियट मिसाइलों को निकाल लिया है उससे सऊदी अरब स्वंय को कमज़ोर महसूस करने लगा है और अब उसकी भी समझ में आ रहा है कि सीरिया के क़ानूनी राष्ट्रपति बश्शार असद की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए उसने अमेरिका, इस्राईल और पश्चिमी देशों के साथ सहयोग करने में किसी प्रकार के संकोच से काम नहीं लिया था पर वे बश्शार असद और उनकी सरकार का कुछ न कर सके क्योंकि उसकी एक वजह यह थी कि ईरान सीरियाई जनता व राष्ट्र के साथ था।

जानकार हल्कों का मानना है कि अगर ईरान आतंकवादियों के खिलाफ मुकाबले में सीरिया का साथ न देता तो आज वहां दाइश की सरकार होती परंतु ईरान की साहसिक मौजूदगी से सीरियाई राष्ट्र के दुश्मनों के षडयंत्रों पर जहां पानी फिर गया वहीं यह भी साबित हो गया कि ईरान अपने दोस्तों को न तो अकेला छोड़ता है न ही उनके साथ किसी प्रकार का धोखा करता है। ईरान ने सीरिया और इराक में आतंकवाद से लड़ाई में जो उल्लेखनीय भूमिका निभाई है उसे इसे परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।

इसी प्रकार इन हल्कों का मानना है कि अभी हाल ही में अमेरिका ने अफगानिस्तान में जो कुछ किया है उससे पूरी दुनिया में यह संदेश गया है कि अमेरिका पर भरोसा मृगतृष्णा के समान है और जो भी अमेरिका पर भरोसा करे उससे बड़ा नादान कोई नहीं है।

इसी प्रकार जानकार हल्कों का मानना है कि ईरान के संबंध में सऊदी नरेश ने जो बयान दिये हैं वह इस बात का सूचक है कि सऊदी अरब अब अमेरिकी पाले से निकलना और ईरान से दोस्ती करना चाहता है।

नोटः यह निजी विचार हैं इनसे पार्सटूडे का सहमत होना ज़रूरी नहीं है। MM

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