Sep २६, २०२१ ०९:०३ Asia/Kolkata
  • उत्तरी इराक़ कहीं, अमरीकी और इस्राईली जासूसों की पनाहगाह तो नहीं बन रहा है?

इराक़ के एक दल, कताएबे हिज़बुल्लाह का कहना है कि उत्तरी इराक़, अमरीकी और इस्राईली जासूसों के सुरक्षा स्थल में बदलता जा रहा है जो उचित नहीं है और इसे रोकना होगा।

अलमसीरा टीवी चैनेल के अनुसार इराक़ के कताएबे हिज़बुल्लाह का मानना है कि उत्तरी इराक़, षडयंत्र करने वालों और अमरीका तथा इस्राईल की गुप्तचर सेवाओं के जासूसों के अड्डे में बदलता जा रहा है।

कताएबे हिज़बुल्लाह ने शनिवार को उत्तरी इराक़ में अवैध ज़ायोनी शासन के साथ संबन्धों को सामान्य बनाए जाने के बारे में होने वाली बैठक की ओर संकेत किया।  उनके अनुसार ज़ायोनी तत्वों ने इराक़ के संविधान के क़ानूनों के विपरीत अवैध ज़ायोनी शासन के साथ संबन्ध सामान्य करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उत्तरी इराक़ में अपनी गतिविधियां अंजाम दी हैं जिनपर ख़ामोश बैठा नहीं जा सकता।

कताएबे हिज़बुल्लाह का मानना है कि इराक़ की शांति एवं सुरक्षा को बनाए रखने के लिए अमरीकी-ज़ायोनी केन्द्रों के विरुद्ध कार्यवाही ज़रूरी है।

इसी बीच इराक़ के अन्नोजबा आन्दोलन के महासचिव शेख अकरम अलकाबी ने इस बारे में कहा है कि अरबील में इस बैठक का आयोजन, फ़िलिस्तीन के बारे में इराक़ के दृष्टिकोण को कभी भी बदल नहीं सकता।

इराक़ की सैयदुश्शोहदा बटालियन के प्रमुख आबूआला अलवलाई ने कहा है कि जो भी अवैध ज़ायोनी शासन के साथ संबन्ध सामान्य बनाने के बारे में प्रयास करेगा या उसकी भूमिका बनाएगा उसको एसा सबक़ सिखाएंगे जिसे इतिहास याद रखेगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इराक़ की सरकार ने एक बयान जारी करके अरबील में होने वाली ज़ायोनियों की उस बैठक को ग़ैर क़ानूनी बताया है जिसे अवैध ज़ायोनी शासन के साथ संबन्ध सामान्य करने के नाम पर आयोजित किया गया।  इस बयान में अरबील में आयोजित बैठक को ग़ैर क़ानूनी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया गया है।

बयान में कहा गया है कि इराक़ के नियंत्रण वाले कुर्दिस्तान के अरबील में कुछ क़बीलों के साथ ज़ायोनी शासन के संबन्ध सामान्य करने के नाम पर की जाने वाले बैठक का हम खुलकर विरोध करते हैं।

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