Oct ११, २०२१ १८:२५ Asia/Kolkata

...इराक़ में रविवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। बग़दाद सहित 18 प्रांतों के मतदाताओं ने सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान किया ताकि 329 प्रतिनिधियों का चयन करें।

....बुज़ुर्ग नागरिक का कहना था कि हम एकजुट इराक़ चाहते हैं, उत्तर दक्षिण और पूरब पश्चिम का कोई फ़र्क़ नहींहै। इराक़ के इस बार के चुनावों की संवेदनशीलता ज़्यादा थी क्योंकि इराक़ से अमरीकी सैनिकों के बाहर निकलने का समय भी नज़दीक आ गया है। बग़दाद और वाशिंग्टन के बीच हुए समझौते के अनुसार अमरीका के सारे काम्बैट सैनिक इसी साल के आख़िर तक इराक़ से निकल जाएंगे।....वरिष्ठ सैनिक अफ़सर का कहना है कि 31 दिसम्बर तक सारे काम्बैट अमरीकी सैनिकों को निकल जाना है। हम इस पर दृढ़ता से क़ायम हैं और संसद तथा जनता के सपोर्ट से हमने इस विषय को अपनी प्राथमिकता में रखा है।.....बुज़ुर्ग मतदाता का कहना है कि हम अपने सांसदों के चाहते हैं कि इराक़ संप्रभुता और सुरक्षा की हिफ़ाज़त करें। राष्ट्रीय संप्रभुता हमारी रेडलाइन है और इसकी हिफ़ाज़त हर सांसद की प्राथमिकता होना चाहिए।

इराक़ के धार्मिक नेतृत्व ने भी चुनावों का खुलकर समर्थन किया है। इराक़ के धार्मिक स्थल वाले शहरों में देखने में आ रहा है कि लोग बढ़ चढ़ कर मतदान कर रहे हैं। पवित्र नगर कर्बला में मतदाताओं के भीतर काफ़ी उत्साह देखने में आया। कर्बला कई इराक़ के चार प्रांतों का सबसे प्रमुख शहर माना जाता है। इन प्रांतों में कुल मिलाकर 51 सीटें हैं। कर्बला में लोग सुबह से ही मतदान के लिए निकले जिस पर धार्मिक नेतृत्व की ओर से भी विशेष रूप से ताकीद की गई।....कर्बला के निवासी मतदाता का कहना था कि मैं मतदान के लिए आया हूं ताकि देश के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़े और दुश्मनों का मुक़ाबला किया जाए। जब धार्मिक नेतृत्व ने भी चुनाव में शिरकत पर ज़ोर दिया है तो फिर यह धार्मिक दायित्व भी है कि चुनाव में हिस्सा लिया जाए।

बग़दाद से आईआरआईबी के लिए जलाल ख़ालेदी की रिपोर्ट

 

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