Oct १९, २०२१ १७:३८ Asia/Kolkata
  • अरब देशों के साथ ईरान के संबंधों के बेहतर होने से इस्राईल चिंतित

हिब्रू भाषा के सूत्रों ने सूचना दी है कि अरब देशों के साथ ईरान के संबंधों के बेहतर होने से इस्राईल की चिंता में वृद्धि हो गयी है।

समाचार एजेन्सी फार्स ने रिपोर्ट दी है कि हिब्रू भाषा के समाचार "इस्राईल हियम" ने आज रिपोर्ट दी है कि अरब देशों के साथ संबंधों को बेहतर करने हेतु ईरान की नई सरकार के हालिया प्रयास तेलअवीव की चिंता का कारण बने हैं।

जायोनी समाचार पत्र "ईस्राईल हियम" ने लिखा है कि क्षेत्र के कुछ अरब देशों के साथ ईरान के संबंधों के बेहतर होने से अवैध अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्रों में चिंता व्याप्त हो गयी है और इसका अर्थ यह है कि इस्राईल क्षेत्र के अरब देशों के साथ मिलकर जो तेहरान विरोधी गठबंधन बनाना चाह रहा था उसमें वह नाकाम हो गया है।

समाचार पत्र "इस्राईल हियम" आगे लिखता है कि तेलअवीव इन संबंधों में गर्मी को ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते से जोड़कर देखता है। यह समाचार पत्र लिखता है कि जब से सैयद इब्राहीम रईसी ईरान के राष्ट्रपति बने हैं तब से ईरान की नई सरकार ने मध्यपूर्व के कुछ अरब देशों के साथ संबंधों को बेहतर बनाने के लिए बहुत प्रयास किये हैं।

इस समाचार पत्र ने लिखा है कि ईरान के विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान और जार्डन के विदेशमंत्री की हैरान कर देने वाली टेलीफोनी वार्ता को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। हिब्रू भाषा के इस्राईली समाचार पत्र ने लिखा है कि ईरान के इन प्रयासों से इस्राईल में बहुत चिंता उत्पन्न हो गयी है और इसका कारण यह नहीं है कि केवल ईरानियों के प्रति विश्वास में वृद्धि हो गयी है बल्कि ईरानी इस बात को समझ गये हैं कि क्षेत्र से अमेरिका के निकल जाने से क्षेत्र में उनके प्रभाव का दायरा और बढ़ जायेगा।

इस समाचार पत्र ने लिखा है कि अरब देशों के साथ इस्राईल के संबंधों के सामान्य बनाये जाने का लक्ष्य ईरान विरोधी गठबंधन तैयार करना था। MM

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