Oct २३, २०२१ १३:०३ Asia/Kolkata
  • एकता सप्ताह पर इस्राईल को दिया सैयद हसन नसरुल्लाह ने अहम संदेश, बता दिया अपना इरादा...

लेबनान की इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा है कि प्रतिरोध की शक्ति देश की रक्षा के लिए है और हम तेल अवीव को अपनी राष्ट्रीय पूंजी लूटने नहीं देंगे।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर सबसे पहले लोगों को बधाई दी और लेबनान सहित क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी की ओर से मुसलमानों के बीच एकता और एकजुटता के लिए 12 से 17 रबीउल अव्वल को एकता सप्ताह क़रार दिए जाने की कार्यवाही की सराहना की और कहा कि इस कार्यवाही से और ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता की विभूति से पैग़म्बरे इस्लाम के शुभ जन्म दिवस की तारीख़, जिस पर पहले मुसलमानों के बीच मतभेद था, एकता और एकजुटता के केन्द्र में बदल गयी।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) के प्रयासों से अरब प्रायद्वीप में आंतरिक सुरक्षा की स्थापना का उल्लेख करते हु कहा कि यह ऐसी शांति थी जिसे आज की कोई सेना और पुलिस स्थापित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि यह सुलह इंसानों की बुद्धियों, दिलें और मन में रच बस गयी है।

उन्होंने कहा कि जो भी पैग़म्बरे इस्लाम का अनुयायी है, वह हमेशा फ़िलिस्तीन के मुद्दे पर निष्पक्ष नहीं रह सकता है। सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि जब हम पैग़म्बरे इस्लाम का जन्म दिन मनाते हैं तो सबसे पहले जिस मुद्दे की ओर हमारा ध्यान जाता है वह फ़िलिस्तीन का मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में स्वतंत्रता और स्वाधीनता से प्रेम करने वाला कोई भी इंसान फ़िलिस्तीन, उसकी धरती की मज़लूम जनता और पवित्र स्थलों से निष्पक्ष नहीं रह सकता।

उन्होंने अपने भाषण में ज़ायोनी शासन के साथ संबंधों की स्थापना के उद्देश्य से उत्तरी इराक़ के अरबील में हुई बैठक का उल्लेख करते हुए इसे इराक़ियों की प्रतिक्रियाओं को परखने की कसौटी क़रार दिया औज्ञ कहा कि अगर इस बैठक पर इराक़ी ख़ामोश रहते तो यह बैठक आगे भी होती लेकिन सभी इराक़ियों ने एक आवाज़ होकर इसका विरोध किया।

उन्होंने लेबनान विशेषकर तैयूना क्षेत्र में हुई फ़ायरिंग की घटना के बारे में कहा कि इस घटना की जांच की गयी जो अच्छा और साहसिक क़दम है और हम इस जांच के नतीजो का इंतेज़ार कर रहे हैं।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि लेबनान को विवादों में ढकेलने वालों की राजनैतिक, जनता और मीडिया के स्तर पर आलोचना जारी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर इस्राईल यह सोचता है कि लेबनान के साथ विवादित क्षेत्रों के होने से पहले इस क्षेत्र के बारे में अपनी मनमानी करेगा तो वह ग़लती पर है। उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह जब यह महसूस करेगा कि लेबनान के तेल से संपन्न क्षेत्रों पर ख़तरा है तो मैदान में कूद पड़ेगा और लेबनान को उसका हक़ दिलाएगा। (AK)

 

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