Oct २८, २०२१ ११:५५ Asia/Kolkata
  • आख़िरकार सऊदी अरब को झुकना ही पड़ा, शहीद निम्र के भतीजे 10 साल बाद हुए आज़ाद, तो भाई को किया गिरफ़्तार

आले सऊद शासन के अत्याचारों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले अली निम्र 10 साल बाद सऊदी अरब की जेल से रिहा हो गए हैं।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी अरब के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु शहीद आयतुल्लाह बाक़िर निम्र के भतीजे अली निम्र 10 साल के बाद बुधवार को सऊदी अरब की जेल से बाहर आ गए हैं। अली निम्र को आले सऊद शासन के ख़िलाफ़ होने वाले प्रदर्शनों में शामिल होने की वजह से गिरफ़्तार किया गया था और उन्हें मृत्युदंड की सज़ा भी सुना दी गई थी। मानवाधिकारों की रक्षक के नाम एक ग्रूप ने ट्वीटर पर घोषणा की कि अली निम्र वर्ष 2012 से आले सऊद के ख़िलाफ़ होने वाले प्रदर्शनों में शामिल होने की वजह से 17 वर्ष की आयु में गिरफ़्तार कर लिया गया था। जिसके बाद यह निश्चित माना जा रहा था कि अली निम्र को मौत की सज़ा ज़रूर मिलेगी और हुआ भी कुछ ऐसा ही। अली निम्र को मृत्युदंड की सज़ा सुना दी गई थी, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय दबाव की वजह से अभी तक उनकी मौत की सज़ा टलती चली आ रही थी।

इस बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय क़ानूनी संगठनों और मानवाधिकार के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त समेत कई अन्य मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी अरब पर दबाव बनाया कि एक किशोर को मौत की सज़ा न दी जाए और उसे रिहा कर दिया जाए, लेकिन इसके बावजूद आले सऊद शासन अली निम्र को मौत की सज़ा देने पर अड़ा हुआ था। लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के आगे आख़िरकार सऊदी अरब को झुकना पड़ा और उसने अली निम्र को 10 वर्षों बाद रिहा कर दिया। लेकिन इस बीच हाल के महीनों में, सऊदी सुरक्षा बलों ने शहीद शेख़ निम्र बाक़िर अल-निम्र के परिवार के कई अन्य सदस्यों को ग़िरफ़्तार किया है, जिसमें उनके 30 वर्षीय भाई अमीन बाक़िर अल-निम्र भी शामिल हैं। ग़ौरतलब है कि शहीद शेख़ निम्र सऊदी अरब के एक प्रख्यात और प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु थे। आले सऊद शासन ने 2 जनवरी 2016 को उनका सिर काटकर उन्हें शहीद कर दिया था। सऊदी अरब की इस अमानवीय कार्यवाही का दुनिया भर में भारी विरोध हुआ था। (RZ)

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