Nov २०, २०२१ ०९:०७ Asia/Kolkata
  • यमन की राजधानी सनआ में अमरीकी दूतावास पर हो गया स्थानीय लोगों का क़ब्ज़ा, सऊदी अरब के हमले तेज़, वजह क्या है?

यमन में घटनाक्रम बहुत तेज़ हो गया है। एक तरफ़ सऊदी अरब ने उत्तरी शहरों पर बमबारी तेज़ कर दी है और दूसरी ओर यमन के शक्तिशाली अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से कहा गया है कि इस बमबारी का कठोर जवाब दिया जाएगा।

सऊदी गठबंधन ने अपने हवाई हमलों में राजधानी सनआ के साथ ही सअदा, उमरान, ज़मार और अलजौफ़ जैसे शहरों को निशाना बनाया है जिसके नतीजे में जानी और माली नुक़सान हुआ है। कुछ टीकाकार कहते हैं कि स्ट्रैटेजिक महत्व रखने वाले मारिब शहर पर अंसारुल्लाह आंदोलन और यमनी सेना का क़ब्ज़ा बिल्कुल क़रीब है और यह सऊदी गठबंधन के लिए अलहुदैदा के बाद इस बड़े मोर्चे पर भी बड़ी नाकामी की घटना होगी इसलिए सऊदी अरब ने हमले तेज़ कर दिए हैं।

दूसरी ओर एक अन्य महत्वपूर्ण घटना यह हुई कि सनआ में स्थित अमरीकी दूतावास पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया और वहां काम करने वाले सभी लोगों को बंधक बना लिया। संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने इस घटना की निंदा की है।

अंसारुल्लाह आंदोलन का कहना है कि लाल सागर में यमन के तटीय इलाक़ों में कई बार अमरीका के सहयोग से इस्राईल ने यमनी सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन के ठिकानों को निशाना बनाया है जिसका जवाब यमनी सेना ने भी दिया।

यमन के हालात पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञ कहते हैं कि ज़मीन पर समीकरण बहुत तेज़ी से बदल गए हैं और सऊदी गठबंधन को अपने घटकों की गतिविधियों से भारी निराशा हाथ लगी है जिसके नतीजे में वह नए घटक तलाश करने की कोशिश में है ताकि यमनी सेना और स्वयंसेवी फ़ोर्सेज़ की विजय की प्रक्रिया को रोका जा सके। सऊदी गठबंधन के घटक माने जाने वाले छह संगठनों ने एक बैठक में एलान किया कि सऊदी अरब ने मारिब की लड़ाई में उन्हें बहुत बड़ा धोखा दिया है।  

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