Nov २२, २०२१ २०:३१ Asia/Kolkata
  • अरब टीकाकार अतवान का जायज़ाः बैतुल मुक़द्दस के भीतर फ़िलिस्तीनी युवा की शहादत प्रेमी कार्यवाही छोटी घटना नहीं, हमास का बहुत बड़ा संदेश है

फ़िलिस्तीनी युवा फ़ादी महमूद अबू शुख़ैदिम ने बैतुल मुक़द्दस के शाफ़ात इलाक़े में जो शहादत प्रेमी कार्यवाही की और जिसमें एक इस्राईली सैनिक हताहत और तीन घायल हुए वह दरअस्ल इस्राईल की आतंकी गतिविधियों और हमास संगठन को आतंकी संगठन घोषित करवाने पर फ़िलिस्तीनी जियालों की जवाबी कार्यवाही की शुरुआत है।

शहादत प्रेमी हमला करने वाले युवा ने अपनी पत्नी और बेटे को तीन दिन पहले ही फ़िलिस्तीन से बाहर भेज दिया था। हमास संगठन ने इसे चैंपियन कहा है और इस्राईल को चेतावनी दी कि यह हमला दरअस्ल इस्राईल के लिए संदेश है कि वह फ़िलिस्तीनी इलाक़ों पर हमले बंद कर दे वरना उसे ख़मियाज़ा भुगतना पड़ेगा।

यह हमला बैतुल मुक़द्दस नगर के केन्द्र में हुआ है जो इस बात का सुबूत है कि वेस्ट बैंक में हमास की पैठ लगातार बढ़ रही है और उसके लड़ाकों के पास इस तरह के बड़े हमले करने के लिए उचित हथियार आ गए हैं।

इस्राईली सेना ने अपने बयान में कहा कि हमास ने इस्राईली सुरक्षा कवच में सेंध लगाने में सफलता हासिल कर ली है और यह ख़तरनाक बात है। हमास जार्डन की सीमा से हथियार वेस्ट बैंक में पहुंचा रहा है। यही वजह है कि इस्राईली आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शाबाक के चीफ़ ने जार्डन का दौरा किया।

इस्राईली पीएम नफ़ताली बेनेत ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई एलर्ट कर दिया और हमास को धमकी दी कि इसका कड़ा इंतेक़ाम लिया जाएगा। मगर हमास को इन धमकियों से कोई फ़र्क़ पड़ने वाला नहीं है। उसके पास इस्राईल के हमलों का जवाब देने के लिए मिसाइल और ड्रोन ताक़त आ चुकी है।

ब्रिटेन ने हमास को आतंकी संगठन घोषित करने की तैयारियां कर ली हैं। ब्रिटेन की गृह मंत्री ने कहा कि हमास आतंकी संगठन है जिसके पास बहुत सारे हथियार हैं। ब्रिटेन ने हमास से संबंध रखने वाले व्यक्ति के लिए दस साल जेल की सज़ा रखी है।

सवाल यह है कि क्या ब्रिटेन को यह दिखाई नहीं देता कि हमास अपनी धरती फ़िलिस्तीन की रक्षा कर रहा है और उसने एक भी हमला ब्रिटेन या किसी भी यूरोपीय देश के ख़िलाफ़ नहीं किया है। उसका प्रतिरोध फ़िलिस्तीन की सीमाओं के भीतर है।

ब्रिटेन इस्राईल के नस्लवाद और आतंकवाद का समर्थन करके बहुत बड़ी ग़लती कर रहा है और अपनी सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहा है। ब्रिटेन के इस फ़ैसले की आलोचना सारे फ़िलिस्तीनी संगठनों ने की है यानी सब ब्रिटेन के ख़िलाफ़ एकजुट हो गए हैं।

ब्रिटेन अब ग्रेट ब्रिटेन नहीं रह गया है। अब तो यह हालत है कि उसकी नीतियां इस्राईल में बन रही हैं। ब्रिटेन के इस फ़ैसले का हमास की ताक़त पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही इससे इस्राईल अपने गंभीर संकटों से बाहर निकल पाएगा हां यह ज़रूर होगा कि ब्रिटेन की सुरक्षा के लिए ख़तरे पैदा होंगे।

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