Nov २३, २०२१ १३:४२ Asia/Kolkata

...यमन की राजधानी सनआ के लोगों ने अन्य प्रांतों की जनता के साथ मिलकर यमन पर अमरीका के सैनिक हमलों और आर्थिक नाकाबंदी का विरोध करते हुए व्यापक प्रदर्शन किए।

प्रदर्शनकारियों ने यमन पर जारी हमलों, यमन के पेट्रोलियम पदार्थ ले जाने वाले जहाज़ों को रोके जाने और सनए एयरोपोर्ट को दोबारा खोलने की अनुमति न देने का विरोध किया।....प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हम अमरीका, सऊदी अरब और इमारात के हमलों की निंदा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने सैनिक हमले तेज़ और आर्थिक नाकाबंदी कठोर कर दी है।

मगर इससे हमारा संकल्प और भी मज़बूत होगा।....एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यमन पर हमले अमरीका से शुरु हुए हैं। हमलों में इस्तेमाल होने वाले हथियार अमरीकी हैं, अमरीका राजनैतिक और लोजिस्टिक सपोर्ट कर रहा है। अमरीका के ही आदेश पर नाकाबंदी की गई है। इससे साबित होता है कि अमरीका राष्ट्रों का दुश्मन और आतंकवाद का जनक है। आतंकवाद की जड़ें अमरीका के भीतर हैं.....प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले सात साल में यमन जितनी भी मुशकिलों से गुज़रा है उनकी जड़ अमरीका है।

हालात इतने ख़राब हो गए हैं लेकिन इसके बावजूद अमरीका लगातार अपराध कर रहा है। उसके हमले और उसकी तरफ़ से नाकाबंदी जारी है। संयुक्त राष्ट्र संघ भी ख़ामोशी से तमाशा देख रहा है।.......यमनी प्रदर्शनकारी का कहना था कि अमरीकी राष्ट्रपति से लेकर विदेश मंत्री तक सारे ही अधिकारी यह बात साफ़ साफ़ कह चुके हैं कि यमन के ख़िलाफ़ जारी जंग में वह सऊदी गठबंधन के साथ हैं। अमरीका वैसे तो सऊदी अरब और इमारात के माध्यम से यमन के ख़िलाफ़ हर तरह के अपराध कर रहा है लेकिन यमन की जनता देश की रक्षा का भरपूर संकल्प रखती है। सनआ से आईआरआईबी के लिए अब्दुल्ला युसुफ़ की रिपोर्ट     

टैग्स