Nov ३०, २०२१ १४:३१ Asia/Kolkata

उत्तरी लेबनान स्थित बद्दावी और नेहरुल बारिद शरणार्थी कैम्पों में रहने वाले फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों ने विशाल प्रदर्शन किया है।

फ़िलिस्तीनियों के साथ एकजुटता के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों ने अवैध अधिकृत इलाक़ों में फ़िलिस्तीनी क़ैदियों की ख़राब हालत पर विश्व समुदाय से गंभीर प्रतिक्रिया दिखाने की मांग की...

अवैध ज़ायोनी शासन की उम्र समाप्त हो रही है, हमारे क़ैदियों का प्रतिरोध उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, लेकिन मानवाधिकारों का दावा करने वालों के लिए यह एक नहीं मिटने वाला कलंक है। ...

बेरूत में भी फ़िलिस्तीनी और लेबनानी प्रतिरोधी संगठनों के प्रतिनिधियों ने फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों की घर वापसी के अधिकार पर बल दिया...

बैतुल मुक़द्दस और फ़िलिस्तीनी लोगों के मुद्दे का सिर्फ़ एक ही समाधान है, जैसा कि ईरान बल देता रहा है, सभी शरणार्थियों की वतन वापसी और अपना भविष्य निर्धारित करने का अधिकार। ...

असली संघर्ष कुछ क्षेत्रीय शासकों द्वारा इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के ख़िलाफ़ और फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में है। आख़िरकार ज़ायोनी शासन फ़िलिस्तीनियों के संकल्प और प्रतिरोध के आगे झुक जाएगा। ...

प्रतिरोधी संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के नाम पत्र लिखकर, अवैध बस्तियों के निर्माण और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में ज़ायोनियों के अपराधों की निंदा की है। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने बल दिया कि इस्राईल के साथ कुछ क्षेत्रीय देशों द्वारा संबंधों को सामान्य बनाने की साज़िश को सफल नहीं होने दिया जाएगा और इस्राईल इस प्रकार अपना अवैध वजूद नहीं बचा सकेगा।

हसन अज़ीमज़ादे, आईआरआईबी, बेरूत      

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