Dec ०५, २०२१ १३:२४ Asia/Kolkata

आज फ़िलिस्तीन के पश्चिमी रामल्लाह में उस शहीद का शव पहुंचा कि एक साल पहले अतिग्रहणकारी ज़ायोनी सैनिकों ने उसको शहीद करने के बाद उसका शव अपने रख लिया था, यह अवधि मुहम्मद के परिवार के लिए एक सदी से बड़ी थी।

ईश्वर जानता है कि मैं किस हाल में थी, ईश्वर जनता है कि मुझ पर क्या गुज़री, जब मैं उसके बारे में सोचती थी तो मुझ पर क्या गुज़रती थी, अल्लाह का शुक्र है कि मेरे बच्चे का शव, अतिग्रहणकारियों के क़ब्ज़े से आज़ाद हो गया।

अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन ने 2015 से अब तक 65 शहीद फ़िलिस्तीनियों के शवों को अपने कोल्ड स्टोर्ज़ में रख रखा है, ताकि इन शहीदों की आड़ में उनके परिजनों को भीषण यातनाए दे, यह कार्यवाही सारे अंतर्राष्ट्रीय नियमों के ख़िलाफ़ है, यह एसी हालत में है कि अब भी 120 फ़िलिस्तीनियों के बारे में कुछ पता नही नहीं है,फ़िलिस्तीनियों का कहना कि इस्राईल ने उन्हें सामूहिक क़ब्र में दफ़्न कर दिया है और उनके परिजनों को उनका शव नहीं दे रहा है।

अल्लाह शहीदों का बदला उन से ले, इसका ज़िम्मेदार फ़िलिस्तीनी प्रशासन है, वह क्षण कितना सख़्त है जब फ़िलिस्तीनी परिवार अपने शहीदों के शवों का स्वागत करते हैं और इस तरह से फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इस्राईल के अपराधों का सिलसिला जारी है। (AK)

 

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स