Dec ०६, २०२१ ०१:१८ Asia/Kolkata
  • सूप तो सूप, चलनी भी बोले जिसमें 72 छेद, इस्राईल ने बड़ी शक्तियों के माध्यम से ईरान से मांग कर दी!

इस्राईल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि बड़ी शक्तियों को चाहिये कि वे ईरान पर दबाव डालें कि वार्ता आरंभ होने से पहले वह यूरेनियम का संवर्द्धन बंद कर दे।

समाचार एजेन्सी फार्स के अनुसार नफ्ताली बेनेट ने रविवार को कहा कि बड़ी शक्तियों को चाहिये कि वे तेहरान पर दबाव डालें कि ताकि वियना वार्ता का दूसरा दौर आरंभ होने से पहले वह यूरेनियम का संवर्द्धन बंद कर दे।

बेनेट ने अपने मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि मैं वियना में ईरान के साथ वार्ता करने वाले हर देश का आह्वान करूंगा कि वह मज़बूत व ठोस दृष्टिकोण अपनाये और ईरान को यह समझायें कि दो चीज़ें एक साथ नहीं चल सकतीं कि यूरेनियम का संवर्द्धन हो और वार्ता भी हो।

उन्होंने कहा कि वियना वार्ता से हमें लाभ उठाना चाहिये ताकि अमेरिका में हम अपने दोस्तों से कह सकें कि यूरेनियम का संवर्द्धन बंद करने की मांग, ईरान पर दबाव डालने का अच्छा हथकंडा है।

गुरूवार को इस्राईली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने अमेरिकी विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन से टेलीफोनी वार्ता में कहा था कि वियना वार्ता को तुरंत बंद करके तेहरान के खिलाफ कड़ी नीति व दृष्टिकोण अपनाये जाने की ज़रूरत है।

जानकार हल्कों का मानना है कि इस्राईली प्रधानमंत्री को शायद यह बात ज्ञात नहीं है कि परमाणु समझौते में यूरेनियम संवर्धन को बंद करने की बात नहीं कही गयी है जो तथाकथित बड़ी शक्तियां ईरान से यह मांग करेंगी।

दूसरी बात यह है कि नफ्ताली बेनेट को चाहिये कि वे अमेरिकी अधिकारियों को यह समझायें कि प्रतिबंध और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते।   

इसी प्रकार इन विशेषज्ञों का मानना है कि नफ्ताली बेनेट को ज्ञात होना चाहिये कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्राईल के कहने पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से एक पक्षीय तौर पर निकल गये थे और उसके बाद उन्होंने तेहरान के खिलाफ अधिकतम दबाव की नीति अपनाई थी पर आज तक उनकी इस नीति का कोई परिणाम नहीं निकला और अब अमेरिकी अधिकारी भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि अधिकतम नीति का कोई परिणाम नहीं निकला है और ईरान को झुका देने का सपना देखने वाले ट्रंप को अमेरिकी जनता ने उन्हें और और उनकी मंडली को वाइट हाउस से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

ज्ञात रहे कि पश्चिम एशिया में एकमात्र अवैध जायोनी शासन है जिसके पास 200 से अधिक परमाणु वार हेड्स हैं और वह न तो परमाणु हथियार अप्रसार संधि NPT का सदस्य है और न ही अंतरराष्ट्रीय पर्वेक्षकों को अपने परमाणु संयंत्रों के निरीक्षण की अनमति देता है और वह पूरी दुनिया विशेषकर पूरे इलाक़े के लिए गम्भीर खतरा है।

कितनी अजीब बात है कि जिस इस्राईल की बुनियाद ही ग़ैर कानूनी हो और उसके क्रियाकलाप ग़ैर कानूनी और अपराधों से भरे पड़े हैं वह इस्राईल ईरान से यूरेनियम संवर्धन बंद करने की मांग करे तो यह कहना बिल्कुल भी ग़लत न होगा कि सूप तो सूप, चलनी भी बोले जिसके 72 छेद।

नोटः यह व्यक्तिगत विचार हैं। पार्सटूडे का इनसे सहमति होना ज़रूरी नहीं है। MM

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