Jan १४, २०२२ १२:३६ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब के मज़लूम लोगों को मिला इराक़ी स्वयं सेवी बलों का साथ, बनेंगे आवाज़, होंगे मज़बूत,

इराक़ के स्वयं सेवी बल नोजबा आंदोलन का कहना है कि दुनिया ने आले सऊद के अपराधों पर अपनी आंखें बंद कर ली हैं।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार नोजबा आंदोलन के महासचिव अकरम अलकाबी ने कहा कि उनका आंदोलन अरब द्वीप के मज़लूम राष्ट्रों की आवाज़ बनेगा।

नोजबा आंदोलन के महासचिव ने सऊदी अरब में दो शीया बहरैनी युवाओं की सज़ाए मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सऊदी अधिकारियों के अपराधों पर दुनिया की ख़ामोशी की आलोचना की और कहा कि नोजबा आंदोलन सऊदी अरब की मज़लूम जनता के साथ है और उनकी आवाज़ बनेगी।

नोजबा आंदोलन के महासचवि शैख़ अकरम काबी ने अपने संदेश में आले सऊद के पाश्विक और मानवता विरोधी अपराधों पर दुनिया की ख़ामोशी की निंदा करते हुए दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में शीया मुसलमानों के ख़िलाफ़ वहाबी-तकफ़ीरी सरकारें अनेक प्रकार के अपराध अंजाम दे रही हैं।

उन्होंने बड़ी संख्या में बहरैनी युवाओं को सज़ाए मौत सुनाए जाने को सांप्रदायिकता क़रार दिया और कहा कि आले सऊद अब तक क्षेत्र और बहरैन में बेगुनाह नागरिकों का जनसंहार करता रहेगा और कब तक दुनिया वाले इन अपराधों पर चुप्पी साधे रहेंगे।

नोजबा आंदोलन के महासचिव ने बयान के अंत में सऊदी अरब के मज़लूम लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम आपके के साथ हैं और का समर्थन जारी रखेंगे, हम आपकी आवाज़ बनेंगे।

ज्ञात रहे कि बहरैन के दो युवाओं को "मलिक फहद" नामक पुल को ध्वस्त करने के आरोप में फांसी दे दी गयी। इन दोनों बहरैनी युवाओं पर सन 2015 में मलिक फहद पुल को ध्वस्त करने का आरोप है जो सऊदी अरब को बहरैन से जोड़ता है। (AK)

 

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