Jan १८, २०२२ ०८:४५ Asia/Kolkata
  • यूएई पर यमन के हमलों में 3 की मौत, 2 भारीतय भी शामिल, यूएई-सऊदी की यमन पर भीषण बमबारी

संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू-धाबी और दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, मुसफ़्फ़ाह तेल रिफ़ाइनरी और अन्य रणनीतिक स्थानों पर यमनी सेना और अल-हौसी आंदोलन के ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 3 लोगों की मौत के बाद, यूएई और सऊदी लड़ाकू विमानें ने सना पर भीषण बमबारी की है।

ग़ौरतलब है कि यूएई सऊदी सैन्य गठबंधन का हिस्सा है, जो मार्च 2015 से यमन पर हवाई हमले कर रहा है।

सोमवार को यूएई के अधिकारियों ने पहली बार स्वीकार किया है कि अल-हौसी आंदोलन ने हमलावर देश के काफ़ी भीतर रणनीतिक लक्ष्यों पर बमबारी की है।

यूएई के ख़िलाफ़ यमन की जवाबी कार्यवाही में एडीएनओसी तेल रिफ़ाइनरी के पास स्थित 3 टैंकों में भीषण धमाके हुए। इस हमले में रिफ़ाइनरी के 3 कर्मचारियों की मौत हो गई, जिसमें 2 भारतीय और 1 पाकिस्तानी नागरिक शामिल है।

यूएई क केन्द्र में स्थित अबू-धाबी एयरपोर्ट में भी यमनी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण भीषण आग लग गई, जिसमें 6 लोगों के ज़ख़्मी होने की ख़बर है।

इस बीच, यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यहया सरी ने कहा है कि यमनी बलों ने यूएई में रणनीतिक लक्ष्यों को ड्रोन विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों से सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।   

सरी ने हमलावर देश के नागरिकों और वहां रहने वाले विदेशियों से अपील की है कि वे संवेदनशील और रणनीतिक लक्ष्यों से ख़ुद को दूर रखें, ताकि सुरक्षित रह सकें।

वहीं सोमवार को देर गए सऊदी सैन्य गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने यमन के कई इलाक़ों पर भीषण बमबारी की, जिसमें कम से कम 12 आम नागरिकों की मौत हो गई।

टीकाकारों का मानना है कि यूएई के ख़िलाफ़ अल-हौसी आंदोलन के हमलों को अबू-धाबी और रियाज़ के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए।

यमनी लड़ाके और अधिकारी पिछले 7 वर्षों से कहते चले आ रहे हैं कि सऊदी सैन्य गठबंधन के भीषण हवाई हमलों और घेराबंदी के बावजूद, हम पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हैं और हम हमलावर देशों में जिस जगह पर चाहें हमला कर सकते हैं।

इससे पहले यमनी बलों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ और सरकारी तेल कंपनी अरामको समेत कई रणनीतिक लक्ष्यों के निशाना बनाया है।

यमन के सूचना मंत्री मोहम्मद अल-अत्ताब का कहना है कि यूएई के ख़िलाफ़ कार्यवाही, उन्हें सबक़ सिखाने के लिए है कि या तो यमन पर अपने हमले बंद करो या फिर इस तरह की जवाबी कार्यवाही के लिए तैयार रहो।

यूएई के काफ़ी भीतर यमन की जवाबी कार्यवाही से हमलावर सैन्य गठबंधन में शामिल देशों और उनके समर्थकों में खलबली मच गई है।

अमरीका ने अल-हौसी आंदोलन की जवाबी कार्यवाही की कड़ी निंदा की है। अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने अमीराती समकक्ष शेख़ अब्दुल्लाह बिन ज़ाएद से टेलीफ़ोन पर बातचीत की है।

दो हफ़्ते पहले अल-हौसी आंदोलन ने यमन के तट पर यूएई का एक जहाज़ ज़ब्त कर लिया था और चालक दल के 11 सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया था। यह जहाज़ यूएई समर्थक यमनी विद्रोहियों के लिए हथियार लेकर जा रहा था।

संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद ने इस जहाज़ को तुरंत छोड़े जाने की मांग की थी, जिसे अल-हौसी आंदलन ने ठुकराते हुए कहा था कि यह जहाज़ बच्चों के लिए खिलौने नहीं ले जा रहा था, जो इसे छोड़ दिया जाए, बल्कि यह विद्रोहियों के लिए ख़तरनाक हथियार लेकर जा रहा था। msm

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