Jan २२, २०२२ १४:१८ Asia/Kolkata
  • अमरीका का अरब देशों से वादा, हथियारों की कमी नहीं होने देंगे

अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने शक्रवार को सऊदी अरब के अपने समकक्ष के साथ मुलाक़ात में फ़ार्स खाड़ी के अपने अरब सहयोगियों को हथियारों की आपूर्ति के जारी रहने का आश्वासन दिया है। ब्लिंकन ने अबू-धाबी पर यमन के हालिया हमले की निंदा करते हुए दावा किया कि वाशिंगटन अपने सहयोगियों की रक्षात्मक शक्ति को मज़बूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अमरीकी विदेश मंत्री ने फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों को अधिक हथियार बेचने का वादा ऐसी स्थिति में किया है कि जब सऊदी सैन्य गठबंधन ने हालिया दिनों में यमन के ख़िलाफ़ पिछले 7 वर्षों से जारी युद्ध में अभूतपूर्व वृद्धि कर दी है।

शुक्रवार को ही यमन के सादा प्रांत के कई इलाक़ों पर सऊदी और अमीराती लड़ाकू विमानों ने भीषणा बमबारी की है, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की ख़बर है। हमलावर सैन्य गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने सादा की एक जेल को भी निशाना बनाया, जिसमें 77 लोगों की मौत हो गई, जबकि 140 से अधिक ज़ख़्मी हो गए।

यमन की राजधानी सना, अल-हुदैदा और सादा प्रांत पर हमलावर सैन्य गठबंधन के लड़ाकू विमान दिन रात बमों की बारिश कर रहे हैं और मानव इतिहास के सबसे गंभीर संकट में फंसी पीड़ित जनता की समस्याओं को अधिक बढ़ा रहे हैं।

सऊदी सैन्य गठबंधन ने 2015 में यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने के साथ ही इस निर्धन अरब देश की वायु, समुद्री और ज़मीनी घेराबंदी भी कर दी थी। इस देश की 70 फ़ीसद आबादी भुखमरी का शिकार है और बच्चे भूख से मर रहे हैं।

बाइडन प्रशासन ट्रम्प प्रशासन की ही तरह अरब देशों को सिर्फ़ हथियार बेचने में दिलचस्पी रखता है और अब उसे भी मानवाधिकारों और यमन युद्ध बंद करने के अपने झूठे वादों से कोई सरोकार नहीं है। बाइडन ने सत्ता संभालने से पहले सऊदी अरब की नकेल कसने और यमन युद्ध में हमलावर देशों को हथियारों की आपूर्ति बंद करने का एलान किया था, लेकिन अब उनके ही विदेश मंत्री इन देशों के लिए हथियारों की आपूर्ति में वृद्धि की बात कर रहे हैं।

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