Jan २६, २०२२ ०९:२८ Asia/Kolkata
  • ईरान इस्राईल की सबसे बड़ी चुनौती है, इस्राईल के अंदर ईरान का मुक़ाबला करने की ताक़त नहीं

इस्राईल के आंतरिक सुरक्षा अध्ययन केन्द्र आईएनएसएस (INSS) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि तेलअवीव के अंदर ईरान का मुकाबला करने की ताकत नहीं है।

INSS ने जायोनी प्रमुख इस्हाक़ हेरज़ोग को अपनी वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि तेलअवीव अकेले ईरान का मुकाबला नहीं कर सकता।

समाचार पत्र "अलअरबी अलजदीद" की रिपोर्ट के अनुसार INSS ने अपनी रिपोर्ट में बल देकर कहा है कि ईरान इस्राईल के लिए यथावत सबसे बड़ी चुनौती है और इस्राईल ईरान के परमाणु कार्यक्रम में प्रगति के दृष्टिगत अकेले तेहरान का मुकाबला नहीं कर सकता।

इसी प्रकार INSS की रिपोर्ट में आया है कि इस्राईल को अमेरिका के साथ अपने संबंधों और सहकारिता को मज़बूत करने की ज़रूरत है, ईरान के साथ परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में सहमति बने या न बने।

INSS ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी कि ईरान क्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है और हिज़्बुल्लाह और दूसरे गुटों के वे मिसाइल, राकेट और ड्रोन इस्राईल की सुरक्षा के लिए खतरा हैं जो अवैध अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्रों तक पहुंच सकते हैं।

जानकार हल्कों का मानना है कि इस्राईली अधिकारियों को बहुत अच्छी तरह पता है कि उनके अंदर ईरान का मुकाबला करने की ताक़त नहीं है और अगर उनके अंदर ईरान का मुकाबला करने की ताक़त होती तो वे बहुत पहले ईरान पर हमला कर चुके होते परंतु उनके अंदर ईरान पर हमला करने की हिम्मत नहीं है क्योंकि वे ईरान के करारे जवाब और उसके अंजाम से भली-भांति अवगत हैं और उन्हें पता है कि ईरान से टकराने का मतलब अपनी तबाही को दावत देना है। अतः जायोनी अधिकारी ईरान को खोखली धमकी देने में ही अपनी भलाई और अकलमंदी समझते हैं और अमेरिका सहित दूसरे देशों का आह्वान करते हैं कि ईरान पर अधिक से अधिक प्रतिबंध लगाया और दबाव डाला जाये। MM

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