May १५, २०२२ १३:३७ Asia/Kolkata

संयुक्त अरब इमारात के शासक शैख़ खलीफा बिन ज़ायद आले नहयान का 73 वर्ष की आयु में शुक्रवार को निधन हो गया।

इमारात 1971 में स्वतंत्र हुआ और पिछले 51 साल में इस देश के केवल दो शासक हुए। ज़ायद बिन सुलतान आले नहयान, इमारात की स्वाधीनता के बाद पहले राष्ट्रपति थे और 2004 में ख़लीफ़ा बिन ज़ायद आले नहयान ने उनका पदभार संभाला। यद्यपि ख़लीफ़ा अभी तक इमारात के शासक नहीं थे लेकिन दस साल तक वह इमारात की सत्ता पर जमे रहे क्योंकि उन्हें 2004 में ब्रेन हैम्रेज हो गया था और उसके बाद वह फ़ार्स की खाड़ी में अपने देश की भूमिका अदा करने में सक्षम नहीं रहे।  1948 में जन्मे शेख खलीफा यूएई के दूसरे शासक थे। वह शेख जायद के सबसे बड़े बेटे थे। शेख खलीफा ने अपने कार्यकाल में यूएई और आबू धाबी के प्रशासन को पुनर्गठित करने में अहम भूमिका अदा की थी।

यही वजह है कि ख़लीफ़ा बिन ज़ायद के छोटे भाई मुहम्मद बिन ज़ायद को देश की सत्ता सौंप दी गयी जो अबूधाबी के क्राउन प्रिंस थे। सरकार की ओर से जायद आले नहयान के निधन पर 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। इसके अलावा देश के सभी निजी और सरकारी सेक्टर्स में तीन दिनों के लिए अवकाश रहेगा। दुबई मीडिया ऑफिस की ओर से राष्ट्रीय शोक के ऐलान की जानकारी दी गई है।

ख़लीफ़ा बिन ज़ाएद, यूएई के संस्थापक ज़ाएद बिन सुल्तान आले नहयान के सबसे बड़े बेटे थे जो अपने पिता की मृत्यु के बाद यूएई के शासक बने थे। यूएई की स्थापना के बाद से ख़लीफ़ा बिन ज़ाएद इस देश किे 16वें शासक हैं।  संयुक्त राज्य इमारात की स्थापना 2 दिसंबर 1971 को हुई थी।

ख़लीफ़ा बिन ज़ायद की मौत से अबूधाबी में सुप्रीम एलायंस काउंसिल का गठन हुआ और 61 वर्षीय मुहम्मद बिन ज़ायद को आधिकारिक रूप से नया शासक बना दिया गया। ख़लीफ़ा की मौत की वजह से इमारात के क्राउन प्रिंस का पद ख़ाली हो गया है और इस बात के दृष्टिगत कि मुहम्मद बिन ज़ायद पूर्व शासन के सौतेले भाई थे, एसा लगता है कि क्राउन प्रिंस का पद भी मुहम्मद बिन ज़ायद को ही मिलेगा।  

 

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स