May १७, २०२२ २०:५७ Asia/Kolkata
  • जायोनी शासन के पूर्व प्रधानमंत्री के मुंह से अंत में सच निकल ही गया, मैं इस्राईल के निकट अंत से चिंतित हूं

जायोनी शासन के पूर्व प्रधानमंत्री एयूद बाराक ने इतिहासिक घटनाओं की ओर संकेत किया और कहा कि आठवें दशक में जिस तरह से जायोनी सरकार खत्म हो गयी उसी तरह मैं इस बात से चिंतित हूं कि कहीं निकट भविष्य में इस्राईल का भी अंत न हो जाये।

समाचार एजेन्सी फार्स की रिपोर्ट के अनुसार एहूद बाराक ने समाचार पत्र एदीऊत अहारनूत से वार्ता में कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि यहूदियों की कोई भी सरकार 80 साल से अधिक बाकी नहीं रही किन्तु दो स्थानों पर और आठवें दशक में उनका भी विभाजन व अंत हो गया। पहली सरकार दाऊद राजा के दौर में और दूसरी हशमूनियों के काल में।

इसी प्रकार एहूद बाराक ने कहा कि इस्राईल के गठन का भी आठवां दशक चल रहा है और मैं इस बात से चिंतित हूं कि आठवें दशक का अभिषाप पहले वाली यहूदी सरकारों की भांति कहीं इस्राईल को भी अपनी चपेट में न ले ले।

इसी प्रकार जायोनी शासन के पूर्व प्रधानमंत्री ने कुछ दूसरे देशों की ओर संकेत किया और कहा कि अमेरिका को भी अपने गठन के आठवें दशक में गृहयुद्ध का सामना करना पड़ा था, इटली की सरकार आठवें दशक में फाशिस्ट सरकार हो गयी थी, आठवें दशक में जर्मनी नाज़ी देश में बदल गया और इन सब का अंत पराजय और विभाजन के रूप में सामने आया। उन्होंने पूर्व सोवियत संघ की ओर भी इशारा किया और कहा कि कम्यूनिस्ट क्रांति का भी आठवें दशक में विभाजन हो गया।

ज्ञात रहे कि अब तक कई जायोनी अधिकारी, नेता, समाचार पत्र और विश्लेषक इस्राईल के विघटन की बात कर चुके हैं। एक यहूदी विश्लेषक आरी शावीत ने अभी हाल ही में अपने एक विश्लेषण में कहा था कि इस्राईल अपने जीवन की अंतिम सांसे ले रहा है और इस्राईल अब रहने की जगह नहीं है और सान्फ्रांसिस्को या बर्लिन चलना चाहिये और यह भी संभव है कि हम उस बिन्दु से गुज़र चुके हों जहां से वापस नहीं लौट सकते, अब अतिग्रहण को समाप्त करने का समय आ गया है, और जायोनी कालोनियों का निर्माण बंद कर दिया जाना चाहिये। MM

 

टैग्स