Jul ०६, २०२२ ०१:०० Asia/Kolkata
  • इस्राईल के दावे वाली गैस फ़ील्ड कारीश पर लेबनान के ड्रोन विमानों की उड़ान से वांछित लक्ष्य पूरा हुआ, अब क्या होगा इस्राईल का जवाब? ड्रोन के बाद अब क्या मिसाइलों की बारी है?

लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के ड्रोन विमानों ने लेबनान के कारीश गैस फ़ील्ड पर उड़ानें भरी जिस पर इस्राईल मालेकाना हक़ का दावा करता है तो हमें इस पर कोई ताज्जुब नहीं हुआ क्योंकि यह फ़ैसला कई हफ़्ता पहले ले लिया गया था इस पर अमल उचित समय पर किया गया है। इसके कई लक्ष्य हैं।

पहला लक्ष्य आर्थिक ज़ोन में काम करने वाले इस्राईली इंजीनियरों और अन्य लोगों में ख़ौफ़ फैलाना है और उन्हें यह समझाना है कि इस जगह वो सुरक्षित नहीं हैं यानी अब वे इस जगह को छोड़कर चले जाएं।

दूसरी बात यह है कि हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने अपनी हालिया स्पीच में साफ़ साफ़ कहा था कि हम लेबनान की गैस फ़ील्ड की हिफ़ाज़त करेंगे और इस्राईल को गैस चोरी करने का मौक़ा नहीं देंगे। उन्होंने इस एलान पर अमल किया और एक बार फिर साबित कर दिया कि  वो जो एलान करते हैं उस पर अमल ज़रूर करते हैं।

तीसरी बात यह है कि गैस फ़ील्ड का मुद्दा अब लेबनानी सरकार से प्रतिरोध आंदोलन को मिल गया है और इस इलाक़े को इस्राईली क़ब्ज़े से आज़ाद करवाने की जिम्मेदारी हिज़्बुल्लाह की है। यानी अब इस्राईल को सन 2000 की तरह एक बार फिर शर्मनाक हार का सामना करने के लिए तैयार हो जाना चाहिए।

यह भी साफ़ हो गया कि तीन ड्रोन विमानों की यह उड़ान एक नई शुरुआत है इसीलिए देखने में आ रहा है कि इस्राईली सेना ने अपात स्थिति का एलान कर दिया है। इस्राईली सेना ने तो यह भी कहा है कि वह जवाबी कार्यवाही पर विचार कर रही है लेकिन यह जवाबी कार्यवाही उसे बहुत महंगी पड़ेगी यह बात पूरा इस्राईल जानता है।

यह ड्रोन विमान कुछ सौ डालर से ज़्यादा क़ीमत के नहीं थे जबकि इनको गिराने के लिए इस्राईल को लाखों डालर के मिसाइल इस्तेमाल करने पड़े इन्हें केवल इसी लिए भेजा गया था कि इस्राईल की समझ में आ जाए कि वो अब किस दशा में पहुंच चुका है।

इस्राईली सेना के प्रवक्ता जनरल रान कोख़ाफ़ी ने कहा कि समुद्र में पूरा आर्थिक इलाक़ा इस्राईल का है। इस बयान का मतलब यह है कि इस्राईल लेबनान के इस इलाक़े को हड़प लेने का सपना देख रहा है और यह विस्तारवाद का बड़ा निंदनीय रूप है।

हिज़्बुल्लाह के एक बड़े अधिकरी ने जो हिज़्बुल्लाह के काफ़ी क़रीबी माने जाते हैं हमसे कहा कि हिज़्बुल्लाह ने जिस तरह दक्षिणी लेबनान के इस्राईल के क़ब्ज़े से आज़ाद कराया है उसी तरह लेबनान के तेल व गैस वाले इलाक़ों को भी इस्राईल के क़ब्ज़े से आज़ाद कराने का फ़ैसला कर लिया है। यह तैयारी कई साल पहले की जा चुकी है इसलिए इस लड़ाई को जीत लेना हमारे लिए मुश्किल काम नहीं है।

अब्दुल बारी अतवान

अरब जगत के विख्यात लेखक व टीकाकार

 

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