Aug ०३, २०२२ १३:३३ Asia/Kolkata
  • दुश्मन को हमसे बहुत ज़्यादा युद्धविराम की ज़रूरत हैः यमनी लेखक

एक यमनी लेखक ने कहा है कि दुश्मन को हमसे बहुत अधिक युद्धविराम की आवश्यकता है और यह आवश्यकता यूक्रेन में युद्ध होने और यूरोप में ऊर्जा संकट होने की वजह से और अधिक हो गयी है।

हमीद अब्दुल क़ादिर अंतर ने आज बुधवार को समाचार एजेन्सी इर्ना से बातचीत में कहा कि यूक्रेन में युद्ध होने और यूरोप में ऊर्जा संकट होने की वजह से सऊदी अरब और उसके समर्थक बहुत प्रयास कर रहे हैं कि सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठान लक्ष्य न बन जायें और इस चीज़ से निश्चिंत हो जाने के लिए युद्ध विराम की अवधि में वृद्धि की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा कि यमनी राष्ट्र व जनता युद्ध विराम के बारे में अच्छा अनुभव नहीं रखते हैं क्योंकि सऊदी अरब, अरब इमारात और अमेरिकी युद्ध विराम के प्रति वचनबद्ध नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि यमन में युद्ध विराम लागू होने के बाद यमन का हवाई, ज़मीनी और समुद्री परिवेष्टन समाप्त नहीं हुआ और यमनी कर्मचारियों को आठ वर्षों से वेतन नहीं दिया गया है जबकि युद्ध विराम के यह महत्वपूर्ण अनुच्छेद थे।

इसी प्रकार यमनी लेखक अंतर ने कहा कि आठ सालों तक यमनी सरकार के कर्मचारियों को वेतन न देना सबसे बड़ा मानवाधिकार का हनन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए जो दलदल बनाया है इस युद्ध विराम के माध्यम से उसने इस दलदल से निकलने का प्रयास किया और यूक्रेन युद्ध और यूरोप में ऊर्जा संकट सहित युद्ध विराम की अवधि में वृद्धि के विभिन्न कारण हैं परंतु इस युद्ध विराम से यमनी राष्ट्र और जनता की मांगें व ज़रूरतें पूरा नहीं हुईं।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि यमनी राष्ट्र युद्ध विराम का स्वागत करता है परंतु हमलावर पक्षों की ओर पूरी तरह से युद्ध विराम लागू नहीं किया गया और दुश्मनों की ओर से युद्ध विराम के समस्त अनुच्छेदों में उल्लंघन के साक्षी रहे हैं विशेषकर अतिक्रमणकारियों ने सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संबंध में जो शर्तें लगाई थीं उस पर अमल नहीं किया।

यमनी लेखक ने कहा कि सना के हवाई अड्डे को बंद कर देना,यमन के केन्द्रीय बैंक को बंद कर देना और इस देश की बंदरगाहों का परिवेष्टन कर लेना मानवीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इन पर हमला नहीं किया जाना चाहिये। MM

 

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