Aug १६, २०२२ १७:१३ Asia/Kolkata

फ़ार्स की खाड़ी में इराक़ के सबसे दक्षिण में स्थित क्षेत्र के निवासियों ने अरबई वॉक शुरु कर दी है।

अरबईन को हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम मनाया जाता है और यह सफ़र की 20 तारीख़ को होता है। कोरोना संकट के बाद पहली बार ईरानी तीर्थयात्री ज़मीनी सीमाओं के खुलने के बाद बड़ी संख्या में इस पदयात्रा में भाग  लेंगे।

फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बसरा और दक्षिणी इराक़ के निवासियों ने मंगलवार को रासुल बैशा क्षेत्र के फ़ाओ शहर में एकत्रित होकर एक साथ कर्बला की ओर अपनी पद यात्रा शुरु की।

भीषण गर्मी के बावजूद हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्लाम के श्रद्धालुओं समुद्र से नहर की ओर नारे के साथ अपनी पदयात्रा शुरु की है और उनके हाथों में काले, काल और हरे झंडे हैं।  

इन झंडों पर लब्बैक या हुसैन और हम अपमान से दूर हैं जैसे नारे लिखे हुए हैं। बताया जाता है कि जिस शहर से यह पदयात्रा शुरु हुई है वहां से कर्बला की दूरी 500 किलोमीटर है। (AK)  

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