Sep १८, २०१९ १८:४५ Asia/Kolkata
  • यमन युद्ध, दूसरे के लिए खोद रहे गड्ढे में कैसे गिरा सऊदी अरब! आले सऊद के पास हैं दो रास्ते ट्रम्प के वादों पर भरोसा करें या इस्लमी जगत की ओर पलट आएं

व्हाइट हाउस ने सऊदी अरब की ऑयल फ़ील्ड्स पर हुए ड्रोन हमले के बाद यह एलान किया था कि, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से टेलीफ़ोन करके कहा है कि अमरीका, सऊदी अरब की रक्षा के लिए तैयार है। अमरीकी राष्ट्रपति ने सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी आराम्को पर यमनी सेना के ड्रोन हमले की ओर संकेत करते हुए यह भी कहा था कि यह हमला अमरीका और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने जिस तरह सऊदी अरब के युवराज बिन सलमान से उनके देश की रक्षा की बात कही है उससे कई प्रश्न खड़े होते हैं। सबसे पहला सवाल यही है कि क्या ट्रम्प के वादे से पहले अमेरिका ने सऊदी अरब की रक्षा में किसी भी तरह की कोई ढिलाई की है? यमन की घेराबंदी, भूख-प्यास से दम तोड़ते यमनी, आम यमनी नागरिकों पर हर दिन बरसते बम, यमन के मूलभूत ढांचे की तबाही और सऊदी अरब के पास मौजूद अत्याधुनिक हथियार और युद्धक विमान यह सब वह चीज़ें हैं जिसमें पूरी तरह सऊदी अरब को अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। इन सबके बाजूद जिस रक्षा का वादा ट्रम्प सऊदी अरब से कर रहे हैं यह बात किसी को समझ में नहीं आ रही है कि आख़िर वह कौन सी मदद और रक्षा है जिसके लिए ट्रम्प ने मोहम्मद बिन सलमान से वादा किया है।

इस बीच दिलचस्प बात यह है कि ट्रम्प ऐसी स्थिति में सऊदी अरब की मदद का वादा कर रहे हैं कि जब अमेरिका के रक्षा विशेषज्ञ और स्वयं अमेरिकी अधिकारियों को यह नहीं पता है कि सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हुए हमले ड्रोन से हुए हैं या मिसाइल से या फिर दोनों से और यह सऊदी अरब की उस रक्षा प्रणाली की पोल खोलता है जो उसने अमेरिका बहादुर से ख़रीदा है। ब्लूमबर्ग वेबसाइट के अनुसार, आरामको की बक़ीक़ रिफ़ाइनरी जो एक वर्ग मील से अधिक क्षेत्रफल में फैली हुई है, जिसपर मामूली हथियारों से हमला नहीं किया जा सकता, बल्कि उसपर हमला आधुनिक हथियारों से ही किया जा सकता है तभी उसे इस हद तक नुक़सान पहुंचेगा कि उसे बंद करना पड़ जाए, इसलिए अमेरिकी विशेषज्ञ यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उसपर ड्रोन से हमला हुआ है यह मिसाइल से या हर दो से। स्वयं अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी यही कह रहे हैं कि उनके पास ऐसे कोई साक्ष्य नहीं है जो यह साबित कर सकें कि यह हमला यमन से हुआ है।

समाचार चैनल सीएनएन ने अंसारुल्लाह आंदोलन के सैन्य प्रवक्ता के उस बयान की ओर इशारा किया है जिसमें उन्होंने एलान किया था कि, यमनी सेना और स्वयंसेवी बलों ने 10 ड्रोन विमानों से इस जवाबी कार्यवाही को अंजाम दिया है। सीएनएन के अनुसार सऊदी अरब की रिफ़ाइनरी से यमन की जो दूरी है वह 500 किलोमीटर से अधिक है, इसलिए इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि ईरान ने हौसियों को स्मार्ट टेक्नोलॉजी दी हो कि जिसने इन हमलों को अंजाम दिया हो। सीएनएन के मुताबिक़, कोई बहुत ही आधुनिक और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के ज़रिए ही ऐसे हमले कर पाना संभाव है। इसके अलावा सऊदी अरब द्वारा जो फ़ोटो दुनिया के सामने पेश की गईं है वह बहुत ही चौंकाने वाली हैं। फ़ोटो में भीषण आग देखा जा सकता है जिसकी लपटें कई मीटर ऊपर तक उठ रही हैं, लेकिन सब बातों की एक बात है और वह यह है कि इस हमले के बाद तनाव में वृद्धि होगी। सऊदी अरब की सबसे बड़ी ऑयल रिफ़ाइनरी पर हमला और तेल उत्पादन में आधे से अधिक कमी का आ जाना यह एक डरावना सपना है पूरे क्षेत्र के लिए और अब ऐसा लगता है कि यमन युद्ध एक दलदल में परिवर्तित हो गया है।

यहां पर एक और प्रश्न खड़ा होता है और वह यह कि क्या अमेरिका ने वियतनाम युद्ध से सबक़ नहीं सीखा है जो एक बार फिर यमन युद्ध के दलदल में फंसा चाहता है? सबसे अहम बात यह है कि सऊदी अरब की तेल रिफ़ाइनरी पर हुए हमले से अमेरिका में होने वाले चुनाव और उस चुनाव में ट्रम्प के मुक़ाबले में खड़े होने वाले उम्मीदवारों पर कितना असर पड़ेगा? क्योंकि सऊदी अरब का कहना है कि इस हमले के बाद उसके तेल उत्पादन में 50 प्रतिशत की कमी आएगी और यह कब तक रहेगी इसके बारे में कहना जल्दबाज़ी होगा। इस संबंध में जानकारों का मानना है कि अमेरिका में वर्ष 2020 में होने वाले चुनाव के समय मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव ट्रम्प के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। अब यह सवाल है कि ट्रम्प इस स्थिति में कैसे सऊदी अरब की मदद करेंगे, ताकि न वह यमन युद्ध के दलदल में फंसें और न ही उनके चुनावी अभियान पर इसका कोई असर हो? दूसरी ओर सऊदी अरब के लिए भी एक सुझाव है और वह यह है कि वह अमेरिका के वादों पर भरोसा करना छोड़ दे और एक बार फिर इस्लामी जगत की ओर पलट आए और उनपर ही भरोसा करे ताकि इस्लामी एकता का ध्वज पूरी दुनिया में एक बार फिर अपनी पूरी शक्ति से लहरा सके। (RZ)

 

टैग्स

कमेंट्स