Oct २०, २०१९ ००:३५ Asia/Kolkata
  • अपनी दरिंदगी से दुनिया को हिला देने वाले दाइशी आतंकियों की पत्नियां और बच्चे बेहद दयनीय दशा में, संयुक्त राष्ट्र चिंतित

संयुक्त राष्ट्र संघ की दो कमेटियों ने दाइशी आतंकियों की उन सैकड़ों महिलाओं और बच्चों की रक्षा पर ज़ोर दिया है जो सीरिया में कुर्द फ़ोर्सेज़ के नियंत्रण में हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ की कमेटियों का कहना है कि इन महिलाओं और बच्चों की मदद की जानी चाहिए और उन्हें इराक़ स्थानान्तरित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

दोनों कमेटियों ने फ़्रांस पर ज़ोर दिया है कि वह इन महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के लिए प्रयास करे। इनमें अनेक महिलाएं फ़्रांसीसी मूल के आतंकियों की पत्नियां हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि जब तुर्की और कुर्द फ़ोर्सज़ के बीच संघर्ष विराम हो गया है तो अब फ़्रास के पास यह बेहतरीन मौक़ा है कि वह इन महिलाओं और बच्चों के लिए क़दम बढ़ाए।

कुर्द फ़ोर्सेज़ के पास लगभग तीन सौ महिलाएं और बच्चे हैं जो पूर्वोत्तरी सीरिया में शिविरों में रखे गए हैं। इसी मुद्दे पर वार्ता के लिए फ़्रांसीसी विदेश मंत्री जान एफ़ लोदरियान ने इराक़ का दौरा किया था। फ़्रांस चाहता है कि इन लोगों पर इराक़ में मुक़द्दमा चले और वहीं सज़ा दी जाए।

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