Nov १३, २०१९ ०८:५३ Asia/Kolkata
  • फ़िलिस्तीनी संगठन जेहादे इस्लामी के दो कमांडरों की टारगेट किलिंग के बाद ग़ज़्ज़ा में युद्ध के हालात, भूमिगत शरण स्थलों में भाग रहे हैं इस्राईली, क्या बड़ा युद्ध शुरू होने जा रहा है?

इस्राईल ने दो मिसाइल हमले किए जिनमें उसने फ़िलिस्तीनी संगठन जेहादे इस्लाम के दो कमांडरों की टारगेट किलिंग की कोशिश की। एक कमांडर बहा अबुल अता हैं जिनकी हत्या उत्तरी ग़ज़्ज़ा पट्टी में की गई और दूसरे कमांडर अकरम अलअजूरी हैं जिनकी हत्या की कोशिश सीरिया की राजधानी दमिश्क़ में की गई। अबुल अता अपनी पत्नी के साथ शहीद हो गए जबकि अलअजूरी बच गए लेकिन उनके बेटे मआज़ शहीद हो गए।

जेहादे इस्लामी तथा अन्य फ़िलिस्तीनी संगठनों ने इसके जवाब में दक्षिणी इलाक़ों में इस्राईली बस्तियों पर मिसाइल बरसाए। इन हमलों में कुछ इस्राईलियों के घायल होने के समाचार हैं। इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने इस समय यह क़दम इसलिए उठाया है कि सत्ता में बने रहने का अभी और मौक़ा मिल जाए और ख़ुद को जेल की सलाख़ों के पीछे जाने से बचा सकें।

जेहादे इस्लामी के कई अधिकारियों ने कहा है कि इस आपराधिक कार्यवाही का ख़मियाज़ा इस्राईल को भुगतना पड़ेगा। संगठन के महासचिव ज़्याद नुख़ाला ने कहा कि इस्राईल ने सारी रेड लाइनें पार कर ली हैं तो हम भी अपने शहीदों का इंनेक़ाम ज़रूर लेंगे।

जेहादे इस्लामी के राजनैजिक विभाग के सदस्य ख़ालिद अलबत्श ने ग़ज़्ज़ा की अलअम्री मस्जिद में अबुल अता और उनकी पत्नी की नमाज़े जनाज़ा के बाद कहा कि संगठन सारी बातों और तर्कों को साइड में रखकर अपना इंतेक़ाम ज़रूर लेगा।

फ़िलिस्तीनी संगठनों के संयुक्त आप्रेशन रूम की एक अपात बैठक हुई जिसमें जवाबी हमले के बारे में बात हुई लेकिन किसी फ़ैसले का एलान नहीं किया गया। लगता है कि जवाबी हमला सभी संगठन सामूहिक रूप से करेंगे।

ग़ज़्ज़ा और पश्चिमी तट में फ़िलिस्तीनियों में आक्रोश फैला हुआ है। ग़ज़्ज़ा पट्टी में सूत्रों का कहना है कि लोग चाहते हैं कि इंतेक़ाम ज़रूर लिया जाए और तत्काल लिया जाए इसमें किसी भी तरह की टालमटोल न की जाए।

सूत्रों का यह भी कहना है कि जेहादे इस्लामी ने मिस्र की ओर से नेतनयाहू की सिफ़ारिश पर की जा रही मध्यस्था की कोशिशों को भी ख़ारिज कर दिया है। जेहादे इस्लामी के सभी अधिकारियों ने अपने मोबाइल फ़ोन बंद कर लिए हैं और मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे रहे हैं।

ग़ज़्ज़ा पट्टी के सामने इस समय वह लड़ाई है जो लंबी होगी बल्कि यह व्यापक युद्ध का रूप ले सकती है। नुख़ाला इससे पहले कह चुके हैं कि हम अपने जवाबी हमलों में अब तेल अबीब और उसके एयरपोर्ट को निशाना बनाएंगे और हमारे मिसाइल इस्राईली इंफ़्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त करेंगे। इस हमले में यह बात नोट की गई कि ग़ज़्ज़ा से फ़ायर किए जाने वाले मिसाइलों में एक मिसाइल तेल अबीब के एक राजमार्ग पर गिरा और एक अन्य मिसाइल बैतुल मुक़द्दस और रामल्लाह के बीच एक इलाक़े पर गिरा।

इस समय टारगेट किलिंग की यह आपराधिक कार्यवाही नेतनयाहू ने करवाई है इसलिए जो भी जवाबी हमले होते हैं उनकी ज़िम्मेदारी भी नेतनयाहू के ही सर जाएगी। इस हमले से पहले ग़ज़्ज़ा में शांति थी क्योंकि हमास और जेहादे इस्लामी सहित सारे फ़िलिस्तीनी संगठन मिस्र की मध्यस्थता से होने वाले समझौते के तहत शांति बनाए रखने पर प्रतिबद्ध थे।

हमें अभी यह नहीं मालूम है कि जेहादे इस्लामी के जवाबी हमले में हमास आंदोलन भी शामिल होगा या नहीं और अगर शामिल हो गया तो इसका मतलब यह है कि इस्राईल पर रोज़ाना हज़ारों मिसाइलों की बरसात होगी। ग़ज़्ज़ा में हमास के नेता यहया सिनवार कह चुके हैं कि इस आंदोलन के पास 70 हज़ार से अधिक मिसाइल हैं जो आधुनिक हैं और अपने निशाने को बड़ी सफलता से ध्वस्त करते हैं। यह मिसाइल छह महीने तक सभी इस्राईली लक्ष्यों पर हमले जारी रखने के लिए पर्याप्त हैं।

जब वर्ष 1995 में इस्राईल ने हमास के कमांडर यहया अलअय्याश की टारगेट किलिंग की थी तो हमास ने चार जवाबी हमले करने की धमकी दी और चारों हमले अंजाम भी दिए थे। इन हमलों में अलक़ुद्स, अलख़ज़ीरा और तेल अबीब में लगभग 40 इस्राईली मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। इसलिए यहां यह सवाल है कि जेहादे इस्लामी अपने कमांडर अबुल अता की हत्या का इंतेक़ाम किस तरह लेगा?

इस सवाल का जवाब एक ही व्यक्ति दे सकता है और वह है जेहादे इस्लामी के महासचिव ज़्याद अन्नुख़ाला।

साभार रायुल यौम

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