Nov १४, २०१९ १२:१४ Asia/Kolkata
  • फ़िलिस्तीनी संगठनों हमास और जेहादे इस्लामी के बीच मतभेद का बीज बोना चाहते हैं नेतनयाहू, ग़ज़्ज़ा की लड़ाई लंबी खिंच सकती है, ग़ज़्ज़ा पट्टी में सुनाई देती है एक ही आवाज़ कि इस्राईल को सज़ा दी जाए!

अरब जगत के विख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः दो दिन से ग़ज़्ज़ा पर इस्राईली हमलों के बीच हमने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और मीडिया से जुड़े लोगों से संपर्क किया, उनका हाल चाल पूछा और हमले पर फ़िलिस्तीनी संगठनों की जवाबी कार्यवाही के बारे में बात की।

यह बात सही है कि इस्राईली हमलों ने कम से कम 24 फ़िलिस्तीनियों की जान ले ली और 70 घायल हो गए जिनमें बच्चे और महिलाएं भी हैं लेकिन जिस चीज़ ने हमारा ध्यान विशेष रूप से आकृष्ट किया वह यह है कि ग़ज़्ज़ा पट्टी के इस छोटे से इलाक़े में रहने वाले 20 लाख लोगों का मनोबल बहुत ऊंचा है। सभी लोग जेहादे इस्लामी संगठन की सैनिक शाखा अलक़ुद्स ब्रिगेड तथा अन्य फ़िलिस्तीनी संगठनों के समर्थन में खड़े हैं।

नेतनयाहू ने, जो अपनी सत्ता के आख़िरी दिन गुज़ार रहे हैं और बाक़ी जीवन जेल की सलाखों के पीछे गुज़ारने की तैयारी कर रहे हैं, यह लड़ाई शुरू की है। उन्होंने जेहादे इस्लामी के दो कमांडरों की टारगेट किलिंग करवाई। एक हमला उत्तरी ग़ज़्ज़ा पट्टी के मामलों को देखने वाले जेहादे इस्लामी के कमांडर बहा अबुल अता पर किया गया जिसमें यह कमांडर अपनी पत्नी के साथ शहीद हो गया। दूसरा हमला दमिश्क में अकरम अलअजूरी पर किया गया लेकिन वह बच गए मगर उनके बेटे मआज़ और पोती शहीद हो गए। नेतनयाहू समझ रहे थे कि जेहादे इस्लामी संगठन बड़े पैमाने पर कोई जवाबी कार्यवाही नहीं कर पाएगा लेकिन इस समय हालात साबित कर रहे हैं कि नेतनयाहू से बहुत बड़ी चूक हो गई है। उन्हें फ़िलिस्तीनी जनता के साहस की जानकारी ही नहीं है।

टकराव के पहले चरण में इस्राईल की तरफ़ से सबसे ख़तरनाक साज़िश जो की जा रही है वह हमास और जेहादे इस्लामी संगठनों के बीच मतभेद के बीज बोने की कोशिश है। इस समय की लड़ाई इस्राईल और जेहादे इस्लामी के बीच चल रही है जबकि हमास संगठन ग़ज़्ज़ा का प्रशासन चला रहा है। इस्राईल हमास की तारीफ़ें कर रहा है और हमास के ठिकानों को निशाना नहीं बना रहा है क्योंकि इस्राईली प्रवक्ताओं के बयान के अनुसार हमास इस लड़ाई में निष्पक्षता दिखा रहा है और उसने अपनी सैनिक शाखा को इस्राईल पर मिसाइल हमला करने से रोक दिया है।

हमें जो जानकारियां मिली हैं और हमास के सूत्रों ने हमें जो कुछ बताया है उसके अनुसार हमास संगठन की सैनिक शाखा क़स्साम ब्रिगेड हाई एलर्ट है और अपने उच्च नेतृत्व की ओर से ग्रीन सिग्नल का इंतेज़ार कर रही है। ग्रीन सिग्नल मिलते ही सैकड़ों मिसाइल इस्राईली इलाक़ों पर बरसेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि हो सकता है कि आने वाले दिनों और हफ़्तों में हमास और जेहादे इस्लामी के बीच यह तय हो जाए कि किसे कब और किन इलाक़ों पर मिसाइल हमले करने हैं। इसलिए कि यदि हमास ने इस लड़ाई से ख़ुद को पूरी तरह अलग रखा तो उसकी लोकप्रियता पूरी तरह ख़त्म हो जाएगी। इस समय ग़ज़्ज़ा पट्टी के पूरे इलाक़े में एक उबाल देखने में आ रहा है और बच्चा बच्चा यह बात कह रहा है कि इस्राईल को सज़ा ज़रूर दी जानी चाहिए।

जेहादे इस्लामी के अधिकारियों ने उन सारे अरब मध्यस्थों की पेशकश ठुकरा दी है जो इस्राईल का संदेश ला रहे हैं और संघर्ष विराम की बात कर रहे हैं। मध्यस्थता की कोशिश में क़ाहेरा सबसे आगे है।

जेहादे इस्लामी के एक बहुत क़रीबी व्यक्ति ने हमें बताया कि मिस्र की भूमिका पर जेहादे इस्लामी के भीतर गहरी नाराज़गी है। जेहादे इस्लामी का कहना है कि पहले हो चुके संघर्ष विराम की निगरानी मिस्र की ज़िम्मेदारी थी और संघर्ष विराम इस्राईल ने तोड़ा है इसलिए अब मिस्र की ज़िम्मेदारी थी कि वह इस्राईल के ख़िलाफ़ स्टैंड लेता। यह बर्दाश्त नहीं है कि इस्राईल आकर बड़े कमांडर की हत्या कर और फिर तत्काल संघर्ष विराम की बात करने लगे। यह बात इस्राईल के सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय कमेटी की बैठक के बाद नेतनयाहू के बयान से भी ज़ाहिर होती है। उन्होंने कहा कि जेहादे इस्लामी के सामने दो ही विकल्प हैं या तो हमले करना रोक दे या फिर और हमलों का सामना करने के लिए तैयार रहे।

जेहादे इस्लामी के महासचिव ज़्यादा नुख़ाला को हम व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। हमें नहीं लगता कि वह इस्राईल का यह प्रस्ताव मानेंगे। वह इससे पहले एक इंटरव्यू में कह चुके हैं के आने वाली झड़प में तेल अबीब और वहां के एयरपोर्ट इसी तरह दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जेहादे इस्लामी के पास वह हथियार हैं जो अब तक प्रयोग नहीं हुए और जब प्रयोग होंगे तो नेतनयाहू सहित सब हैरत में पड़ जाएंगे।

हमें नहीं लगता कि यह झड़प जल्दी रुकेगी और दक्षिणी इस्राईल के इलाक़ों पर चार सौ मिसाइल, राकेट और मार्टर गोले फ़ायर करने पर ही किस्सा तमाम हो जाएगा। हमें तो यह भी लग रहा है कि क़स्साम ब्रिगेड किसी भी समय पूरी तरह जेहादे इस्लामी के साथ मिलकर इस्राईल पर मिसाइलों की बरसात शुरू कर देगी। वह जेहादे इस्लामी को इस लड़ाई में हरगिज़ अकेला नहीं छोड़ सकती।

मिसाइल हमलों से इस्राईल को अभी अधिक जानी नुक़सान नहीं पहुंचा है। केवल 70 लोग घायल हुए हैं जिनमें अधिकतर की चोटें मामूली हैं लेकिन इस हमले से इस्राईलियों के मनोबल पर जो घाव लगा है वह बहुत गहरा है।

नेतनयाहू ने बेहद ख़तरनाक जोखिम लिया है और पूरे इस्लाईल की सुरक्षा ख़तरे में डाली है केवल इसलिए कि सत्ता में बने रहने का कोई रास्ता निकाल सकें।

ग़ज़्ज़ा में बसने वाले हमारे भाई 40 करोड़ से अधिक अरबों और डेढ़ अरब से अधिक मुसलमानों की प्रतिष्ठा और गौरव की रक्षा कर रहे हैं और यही राष्ट्रों की गरिमा को परखने का पैमाना है।

 

टैग्स

कमेंट्स